मध्य प्रदेश

अधिवक्ता अनिल मिश्रा सहित चार आरोपियों की जमानत खारिज, हाईकोर्ट में सुनवाई कल

SHIDDHANT
2 Jan 2026 8:54 PM IST
अधिवक्ता अनिल मिश्रा सहित चार आरोपियों की जमानत खारिज, हाईकोर्ट में सुनवाई कल
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Gwalior ग्वालियर: अदालत ने अधिवक्ता अनिल मिश्रा सहित चार आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। सभी आरोपियों ने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती दी है और सुनवाई कल ग्वालियर बेंच में होने वाली है। अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने कहा, "पुलिस ने पूरी कार्रवाई की है, लेकिन यह कार्रवाई अवैध, असंवैधानिक और पूरी तरह से गैरकानूनी है।
हमने इसके खिलाफ एक याचिका दाखिल की है। सुनवाई कल सुबह 11 बजे तय है। याचिका संख्या 2/26 WP है और यह मामले की सुनवाई माननीय न्यायाधीश एली वालिया के समक्ष होगी, जैसा कि टीवी पर दिखाया गया। हम इस पूरी कार्रवाई का दृढ़ता से विरोध करेंगे। जहाँ भी हमारे अधिकारों का हनन होगा, हम कानूनी कार्रवाई करेंगे और पूरी तरह इसका विरोध करेंगे।
जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने अपनी गिरफ्तारी और जमानत खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की है। इस याचिका में आरोपियों ने पुलिस की कार्रवाई को चुनौती दी है और अदालत से आग्रह किया है कि गिरफ्तारी को अवैध ठहराया जाए। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि मामला ग्वालियर के न्यायिक क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। अदालत ने पहले ही चारों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद आरोपियों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
इस मामले में अधिवक्ता मिश्रा का कहना है कि वे और उनके सहयोगी पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे और जहाँ भी उनके या उनके क्लाइंट्स के अधिकारों का उल्लंघन होगा, उन्हें बहाल कराने के लिए कानूनी रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि यह मामला कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है और न्यायालय की सुनवाई के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
अधिवक्ता मिश्रा और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने अब तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है। लेकिन अदालत ने जमानत अर्जी खारिज करते हुए यह संकेत दिया कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा।
सुनवाई कल होने वाली है और कानूनी विशेषज्ञ इसे ग्वालियर न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मामला मान रहे हैं। हाईकोर्ट के फैसले से आगे की कानूनी प्रक्रिया और आरोपियों की स्थिति स्पष्ट होगी। मामले में जनता और वकील समुदाय की नजरें हाईकोर्ट की कार्यवाही पर लगी हुई हैं। अधिवक्ता मिश्रा के बयान और याचिका से यह स्पष्ट है कि वे अपने और अन्य आरोपियों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कानूनी उपाय अपनाने के लिए तैयार हैं।
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