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मध्य प्रदेश
कूनो नेशनल पार्क से बुरी खबर: चीता आशा के बच्चे की मौत
Tara Tandi
13 Oct 2026 12:22 PM IST

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भोपाल/श्योपुर: सोमवार को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई मादा चीता 'आशा' का आठ महीने का शावक मृत पाया गया। सुबह की निगरानी के दौरान उसके गायब होने के बाद यह घटना सामने आई। इसके साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या घटकर 59 रह गई है, जिसमें देश में पैदा हुए 41 चीते भी शामिल हैं।
रूटीन निगरानी के दौरान जब आशा अपने पांच में से केवल चार शावकों के साथ दिखी, तो वन विभाग के कर्मचारियों ने तलाशी अभियान शुरू किया।
कूनो में 'प्रोजेक्ट चीता' के फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि बाद में गायब शावक मृत पाया गया।
फील्ड डायरेक्टर ने एक बयान में कहा, "सुबह की निगरानी के दौरान, आशा अपने पांच में से चार शावकों के साथ देखी गई। गायब शावक का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान चलाया गया, और बाद में वह मृत पाया गया।"
अधिकारी ने बताया कि मौत की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही इसका कारण स्पष्ट हो सकेगा।
इस मौत के बाद कूनो में चीतों की संख्या घटकर 53 रह गई है, जिसमें भारत में जन्मे 40 चीते शामिल हैं।
इनमें से 15 चीते अभी खुले जंगल में घूम रहे हैं, जबकि बाकी बाड़ों में रखे गए हैं या उनकी निगरानी की जा रही है।
आशा ने लगभग आठ महीने पहले पांच शावकों को जन्म दिया था। शावकों का जन्म 'प्रोजेक्ट चीता' के लिए एक अहम घटना थी। इस प्रोजेक्ट का मकसद भारत में इस प्रजाति की ऐसी आबादी तैयार करना है जो खुद से पनप सके, क्योंकि 1952 में भारत में चीतों को विलुप्त घोषित कर दिया गया था।
ताज़ा घटनाक्रम इस प्रोजेक्ट के सामने मौजूद चुनौतियों को उजागर करता है। इस प्रोजेक्ट के तहत भारत में शावकों का जन्म तो हुआ है, लेकिन इसके शुरू होने के बाद से वयस्क और युवा चीतों की मौतें भी देखी गई हैं।
भारत ने सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ चीतों को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क लाकर 'प्रोजेक्ट चीता' की शुरुआत की थी।
इस प्रजाति को उसके पुराने इलाकों में फिर से बसाने की कोशिशों के तहत फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते लाए गए थे।
इस कार्यक्रम में अफ्रीकी देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग शामिल है। साथ ही, भारतीय माहौल में इन जानवरों के जीवित रहने और प्रजनन करने में मदद के लिए लगातार आवास प्रबंधन, पर्याप्त शिकार, पशु चिकित्सा देखभाल और वैज्ञानिक निगरानी की ज़रूरत होती है। कूनो के अलावा, अभी चार चीते गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में और दो वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व में रखे गए हैं, जिससे मध्य प्रदेश में चीतों की कुल संख्या 59 हो गई है। इनमें से 41 चीते भारत में ही पैदा हुए थे।
वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इस घटना के बाद भी आशा और उसके बचे हुए चार शावकों की निगरानी जारी रहेगी।
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