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- पालकी में नगर भ्रमण पर...

उज्जैन। डोल ग्यारस के अवसर पर मंगलवार शाम उज्जैन के प्रसिद्ध कालभैरव मंदिर से बाबा कालभैरव की पारंपरिक शोभायात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। शोभायात्रा से पहले बाबा कालभैरव का विशेष श्रृंगार किया गया। परंपरा के अनुसार सिंधिया परिवार की ओर से बाबा को पगड़ी भेंट की गई। मंदिर परिसर को इस अवसर पर विशेष रूप से फलों से सजाया गया था, जिससे पूरा परिसर आकर्षक नजर आया।
शोभायात्रा शुरू होने से पहले कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बाबा कालभैरव की विधि-विधान से पूजा और आरती की। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने बाबा की पालकी को अपने कंधों पर उठाकर शोभायात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान मंदिर परिसर बाबा कालभैरव के जयकारों से गूंज उठा।
विशेष श्रृंगार के बाद निकली पालकी
डोल ग्यारस के अवसर पर कालभैरव मंदिर में सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया था। शाम को शोभायात्रा से पहले बाबा का आकर्षक श्रृंगार किया गया। परंपरा के अनुसार उन्हें विशेष वस्त्र और आभूषण धारण कराए गए।
सिंधिया परिवार की ओर से बाबा कालभैरव को पगड़ी भेंट करने की परंपरा भी निभाई गई। इसके बाद पूजा-अर्चना और आरती हुई। बाबा की सजी हुई पालकी को मंदिर से बाहर लाया गया तो बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाकर स्वागत किया।
फलों से सजाया गया कालभैरव मंदिर
डोल ग्यारस को देखते हुए कालभैरव मंदिर में विशेष सजावट की गई थी। मंदिर को विभिन्न प्रकार के फलों से सजाया गया। आकर्षक सजावट श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
मंदिर परिसर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा कालभैरव की पूजा की और शोभायात्रा में शामिल हुए। पालकी के आगे और पीछे बड़ी संख्या में श्रद्धालु चलते नजर आए।
कलेक्टर और एसपी ने कंधे पर उठाई पालकी
शोभायात्रा के शुभारंभ के अवसर पर कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा कालभैरव मंदिर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने बाबा की पूजा और आरती की।
इसके बाद बाबा कालभैरव की पालकी को अपने कंधों पर उठाकर यात्रा की शुरुआत की। इस दौरान मंदिर के पुजारी, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
पालकी मंदिर से निकलकर अपने पारंपरिक मार्ग की ओर आगे बढ़ी। रास्ते में श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए और पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया।
भैरवगढ़ से गुजरी शोभायात्रा
कालभैरव मंदिर से निकलने के बाद शोभायात्रा भैरवगढ़ क्षेत्र से होकर गुजरी। बाबा की पालकी के दर्शन के लिए रास्ते में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
शोभायात्रा के स्वागत के लिए जगह-जगह श्रद्धालुओं ने तैयारियां की थीं। बाबा कालभैरव के जयकारों और धार्मिक माहौल के बीच पालकी आगे बढ़ती रही।
यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव सेंट्रल जेल रहा, जहां बाबा कालभैरव की पालकी का विशेष स्वागत किया गया।
सेंट्रल जेल पहुंची बाबा की पालकी
भैरवगढ़ से गुजरने के बाद शोभायात्रा सेंट्रल जेल पहुंची। यहां जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बाबा कालभैरव की पूजा और आरती कर पालकी का स्वागत किया।
जेल परिसर के प्रवेश द्वार पर बाबा कालभैरव की पालकी के पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान धार्मिक परंपरा और अनुशासन का अनूठा संगम देखने को मिला।
जेल प्रशासन की ओर से भी बाबा की शोभायात्रा के स्वागत की विशेष व्यवस्था की गई थी।
कैदियों ने किए बाबा कालभैरव के दर्शन
सेंट्रल जेल में बड़ी संख्या में बंदियों ने बाबा कालभैरव की पालकी के दर्शन किए। बंदियों ने शोभायात्रा पर फूल बरसाकर बाबा का स्वागत किया और आशीर्वाद लिया।
जेल परिसर में बाबा की पालकी पहुंचने का यह दृश्य खास रहा। बंदियों ने श्रद्धा के साथ बाबा के दर्शन किए। फूलों की वर्षा के बीच कुछ समय के लिए जेल परिसर भी धार्मिक माहौल में रंग गया।
पूजा और दर्शन के बाद बाबा की पालकी अपने अगले पड़ाव की ओर रवाना हुई।
सिद्धवट पहुंची शोभायात्रा
सेंट्रल जेल में स्वागत के बाद बाबा कालभैरव की शोभायात्रा सिद्धवट पहुंची। यहां भी बाबा की पूजा और आरती की गई।
सिद्धवट उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां बाबा की पालकी पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा आगे बढ़ी।
डोल ग्यारस के अवसर पर निकाली गई इस यात्रा के दौरान धार्मिक परंपराओं का विधिवत निर्वहन किया गया।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
शोभायात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। कालभैरव मंदिर से लेकर यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों तक श्रद्धालु बाबा की एक झलक पाने के लिए मौजूद रहे।
पालकी जहां से गुजरी, वहां श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर और जयकारे लगाकर स्वागत किया। कई लोगों ने बाबा के सामने हाथ जोड़कर अपनी मनोकामना मांगी।
उज्जैन में बाबा कालभैरव के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है और डोल ग्यारस की यह परंपरा धार्मिक महत्व रखती है।
सुरक्षा के रहे विशेष इंतजाम
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रमुख स्थानों और यात्रा मार्ग पर पुलिसकर्मी तैनात रहे।
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी भी आयोजन के दौरान मौजूद रहे। प्रशासन ने शोभायात्रा के मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यवस्थाएं कीं।
परंपरा और आस्था का दिखा संगम
डोल ग्यारस पर निकली बाबा कालभैरव की शोभायात्रा में उज्जैन की धार्मिक परंपरा और श्रद्धालुओं की आस्था का संगम देखने को मिला। सिंधिया परिवार की ओर से पगड़ी भेंट करने से लेकर कलेक्टर और एसपी द्वारा पालकी उठाने तथा सेंट्रल जेल में गार्ड ऑफ ऑनर तक कई पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित हुए।
सेंट्रल जेल में बंदियों द्वारा बाबा के दर्शन और फूलों की वर्षा इस शोभायात्रा का विशेष आकर्षण रही। इसके बाद सिद्धवट में पूजा और आरती के साथ धार्मिक कार्यक्रम आगे बढ़ा। पूरे आयोजन के दौरान बाबा कालभैरव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।





