मध्य प्रदेश

नशा-मुक्त समाज के संदेश के साथ निकली जागरूकता मैराथन

Kavita2
27 July 2026 11:45 AM IST
नशा-मुक्त समाज के संदेश के साथ निकली जागरूकता मैराथन
x

मध्य प्रदेश : रविवार को "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत एक बड़े स्तर पर जागरूकता मैराथन का आयोजन किया गया। नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने और समाज में नशा-मुक्त वातावरण बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस दौड़ में बड़ी संख्या में नागरिकों, छात्रों और खिलाड़ियों ने भाग लिया। पुलिस लाइन्स से शुरू हुई इस मैराथन में 13 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक की उम्र के 3,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लेकर नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए नशे के दुष्प्रभावों से बचने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखना समाज और देश के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। ऐसे जागरूकता अभियान लोगों तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मैराथन में जिले के कलेक्टर राजीव रंजन मीना और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा भी शामिल हुए। अधिकारियों ने स्वयं 8 किलोमीटर लंबी इस दौड़ में हिस्सा लेकर लोगों को नशा विरोधी अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। प्रशासनिक अधिकारियों की भागीदारी से प्रतिभागियों का उत्साह भी बढ़ा।

आयोजकों की ओर से मैराथन में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। दौड़ में भाग लेने वालों को अभियान की टी-शर्ट उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा रास्ते में मेडिकल सहायता की व्यवस्था, पानी और रिफ्रेशमेंट की सुविधा भी रखी गई थी, ताकि प्रतिभागियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कार्यक्रम का आयोजन केवल मैराथन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें कई अन्य गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल युद्ध में देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर वीर जवानों को याद किया और उनके बलिदान को नमन किया।

मैराथन के दौरान लोगों में उत्साह बनाए रखने के लिए ज़ुम्बा सेशन का भी आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने संगीत और व्यायाम के माध्यम से कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी दिखाई। वहीं, पुलिस बैंड द्वारा देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति और उत्साह से भर गया।

कार्यक्रम में बच्चों को भी विशेष रूप से जोड़ा गया। कार्टून कैरेक्टर मोटू और पतलू के माध्यम से बच्चों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में सरल और मनोरंजक तरीके से संदेश दिया गया। बच्चों ने भी इस अभियान में उत्साह के साथ भाग लिया और नशे से दूर रहने का संदेश दिया।

अधिकारियों ने कहा कि नशे की समस्या केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। इसलिए जरूरी है कि लोग इसके खिलाफ जागरूक हों और अपने आसपास के लोगों को भी नशे से बचने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी से इस अभियान को और मजबूती मिल रही है।

मैराथन में शामिल लोगों ने भी नशा-मुक्त समाज बनाने की दिशा में अपना योगदान देने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों का कहना था कि इस तरह के आयोजन लोगों को एक सकारात्मक उद्देश्य से जोड़ते हैं और समाज में जागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम बनते हैं।

"नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के माध्यम से प्रशासन का उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ एकजुट करना और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि समाज नशे के खिलाफ लड़ाई में एक साथ खड़ा है।

इस आयोजन ने न केवल लोगों को स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूक किया, बल्कि नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ सामूहिक प्रयास का संदेश भी दिया। प्रशासन को उम्मीद है कि इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से आने वाले समय में नशे के खिलाफ जनभागीदारी और अधिक मजबूत होगी।

Next Story