मध्य प्रदेश

Ashta : पहली भारी बारिश से खुली ड्रेनेज सिस्टम की पोल, कई इलाकों में जलभराव

Kavita2
1 July 2026 5:23 PM IST
Ashta : पहली भारी बारिश से खुली ड्रेनेज सिस्टम की पोल, कई इलाकों में जलभराव
x

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : आष्टा में मंगलवार को हुई मॉनसून की पहली भारी बारिश ने शहर के खराब ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति को उजागर कर दिया। तेज बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

दोपहर के समय हुई तेज बारिश के बाद मुख्य सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात बाधित हो गया। राहगीरों, दुकानदारों, छात्रों और दफ्तर जाने वालों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर पानी इतना अधिक जमा हो गया कि वाहन धीमी गति से चलने को मजबूर हो गए।

शहर के बुधवारा, कन्नौद रोड, पुराना बस स्टैंड और पुष्प विद्यालय रोड सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर रही। इन इलाकों में सड़कों पर पानी जमा होने से सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो गईं।




बुधवारा क्षेत्र में स्थिति और भी खराब देखी गई, जहां बारिश का पानी कई दुकानों और घरों के अंदर तक घुस गया। इससे दुकानदारों का काफी सामान खराब हो गया और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई व्यापारियों ने बताया कि अचानक पानी भरने से वे अपना सामान भी सुरक्षित नहीं कर पाए।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान इसी तरह की समस्या सामने आती है, लेकिन ड्रेनेज सिस्टम की सुधार व्यवस्था पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। नालियों की सफाई और पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से थोड़ी सी बारिश में भी जलभराव की स्थिति बन जाती है।

लोगों ने नगर प्रशासन से मांग की है कि शहर के ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत किया जाए और नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचा जा सके।

व्यापारियों ने भी प्रशासन से मुआवजे और स्थायी समाधान की मांग की है, क्योंकि हर बारिश में उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। उनका कहना है कि जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित होती है, जिससे व्यापार पर असर पड़ता है।

फिलहाल बारिश थमने के बाद भी कई इलाकों में पानी जमा रहा, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पाई। नगर प्रशासन द्वारा स्थिति का आकलन किया जा रहा है और पानी निकासी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

यह घटना एक बार फिर शहरों में बुनियादी ढांचे की कमजोरियों और मानसून की तैयारी की कमी को उजागर करती है।

Next Story