मध्य प्रदेश

NEET-UG में जबलपुर के आर्यमन सोलंकी ने लहराया परचम

Kavita2
17 July 2026 3:54 PM IST
NEET-UG में जबलपुर के आर्यमन सोलंकी ने लहराया परचम
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जबलपुर: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के परिणामों में जबलपुर के छात्र आर्यमन सोलंकी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्य प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। आर्यमन ने 720 में से 696 अंक प्राप्त कर 46वीं ऑल इंडिया रैंक (AIR) हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षकों और पूरे शहर में खुशी का माहौल है।

आर्यमन की सफलता को उनकी मेहनत, अनुशासन और बेहतर रणनीति का परिणाम माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने नियमित पढ़ाई और कॉन्सेप्ट आधारित अध्ययन पर विशेष ध्यान दिया। उनका मानना है कि केवल लंबे समय तक पढ़ाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विषयों की गहराई से समझ विकसित करना सफलता के लिए जरूरी है।

आर्यमन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि तैयारी के पूरे सफर में परिवार का समर्थन और शिक्षकों का मार्गदर्शन उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा। इसके अलावा दोस्तों से मिलने वाले सकारात्मक माहौल ने भी उन्हें लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने में मदद की।

आर्यमन ने बताया कि NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान सबसे बड़ी चुनौती निरंतरता बनाए रखना होती है। उन्होंने कहा कि शांत मन से नियमित तैयारी करने और हर विषय को समझकर पढ़ने की आदत ने उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की।

उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान पढ़ाई के लिए एक संतुलित योजना बनाई थी। विषयों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर अध्ययन करना, नियमित रिवीजन और मॉक टेस्ट का अभ्यास उनकी रणनीति का हिस्सा रहा। इससे उन्हें परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन और प्रश्नों को हल करने में काफी मदद मिली।

आर्यमन का अगला लक्ष्य देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली से MBBS की पढ़ाई करना है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर बनकर वह समाज की सेवा करना चाहते हैं और चिकित्सा क्षेत्र में अपना योगदान देना चाहते हैं।

आर्यमन की उपलब्धि से उनके परिवार में उत्साह का माहौल है। परिजनों ने बताया कि उन्होंने बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीरता दिखाई और हमेशा अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट रहे। परिवार का कहना है कि आर्यमन ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है।

शिक्षकों ने भी आर्यमन की सफलता पर खुशी जताई और कहा कि वह हमेशा सीखने के लिए उत्सुक रहते थे। उनकी खासियत यह रही कि वह केवल रटने के बजाय विषयों को समझने पर जोर देते थे। यही तरीका उन्हें कठिन सवालों को हल करने में मददगार साबित हुआ।

NEET-UG देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है, जिसमें लाखों विद्यार्थी भाग लेते हैं। ऐसे में शीर्ष रैंक हासिल करना बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। आर्यमन की सफलता ने जबलपुर सहित पूरे मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है।

आर्यमन ने अन्य मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए संदेश देते हुए कहा कि तैयारी के दौरान धैर्य बनाए रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए मेहनत के साथ सही दिशा में तैयारी और आत्मविश्वास भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे परीक्षा की तैयारी के दौरान तनाव लेने के बजाय अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन पर काम करें। नियमित अभ्यास और सकारात्मक सोच के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

आर्यमन की यह उपलब्धि उन छात्रों के लिए प्रेरणा है जो मेडिकल क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। उनकी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने साबित किया है कि सही रणनीति और निरंतर प्रयास से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

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