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अर्चना तिवारी लापता केस, ग्वालियर GRP की जांच में कॉन्स्टेबल हिरासत में

GWALIAR ग्वालियर (मध्यप्रदेश)। सिविल जज की तैयारी कर रही अर्चना तिवारी के रहस्यमयी ढंग से लापता होने का मामला अब सुलझने की ओर बढ़ता दिख रहा है। 10 दिन की जांच के बाद जीआरपी को एक अहम सुराग मिला है और ग्वालियर से एक पुलिस कॉन्स्टेबल को हिरासत में लिया गया है। जांच में सामने आया कि कॉन्स्टेबल राम तोमर ने ही अर्चना तिवारी का इंदौर से ग्वालियर का टिकट बुक किया था। अर्चना 8 अगस्त को इंदौर स्टेशन से नर्मदा एक्सप्रेस में सवार हुई थीं। वह रक्षाबंधन के अवसर पर कटनी स्थित अपने परिवार से मिलने जा रही थीं, लेकिन रास्ते में अचानक गायब हो गईं।जीआरपी ने राम तोमर को अर्चना के कॉल डिटेल्स के आधार पर गिरफ्तार किया। तोमर ग्वालियर के भंवरपुर में पदस्थ है। फिलहाल उससे झांसी रोड पुलिस स्टेशन में पूछताछ चल रही है। मीडिया से बातचीत में कॉन्स्टेबल राम तोमर ने दावा किया कि उसने अर्चना को कभी देखा तक नहीं है, केवल फोन पर बातचीत हुई थी। हालांकि उसने टिकट और बस बुकिंग कराने की बात स्वीकार की।
अर्चना तिवारी का फोन आखिरी बार भोपाल स्टेशन पर लोकेट हुआ था, जब उन्होंने अपनी मां से बात की थी। इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। मामले को और पेचीदा बना दिया उनके बैग ने, जो उमरिया रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में मिला था।घटना के बाद भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जीआरपी की टीमें सक्रिय हो गई हैं। पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट्स और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है, साथ ही कई रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज भी जांचे जा रहे हैं।भोपाल जीआरपी की टीम इस समय ग्वालियर में कैंप कर रही है। सूत्रों का दावा है कि अर्चना जिंदा हैं और संभवत: ग्वालियर में ही मौजूद हैं। हालांकि न तो ग्वालियर पुलिस और न ही जीआरपी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। जांच एजेंसियों का कहना है कि अर्चना तिवारी की तलाश को प्राथमिकता दी जा रही है और जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठ जाएगा। फिलहाल परिवारजन लगातार प्रशासन से संपर्क बनाए हुए हैं और सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।





