मध्य प्रदेश

Anuppur: अनूपपुर और शहडोल में दहशत फैलाने वाला हाथी पकड़ा गया

Admindelhi1
21 May 2026 1:01 PM IST
Anuppur: अनूपपुर और शहडोल में दहशत फैलाने वाला हाथी पकड़ा गया
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कई दिनों से उत्पात मचा रहे हाथी का सफल रेस्क्यू

अनूपपुर: मध्य प्रदेश के अनूपपुर और शहडोल जिलों में पिछले करीब 47 दिनों से दहशत का कारण बने एक दंतैल हाथी को बुधवार रात बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम ने सफलतापूर्वक पकड़ लिया। यह हाथी अब तक 4 लोगों और 8 पालतू मवेशियों की जान ले चुका था, जबकि कई अन्य लोग और पशु घायल हुए थे।

हाथी का आतंक

हाथी 2 अप्रैल को छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश के अनूपपुर क्षेत्र में दाखिल हुआ था। इसके बाद उसने कई गांवों में घूमते हुए लगातार हमला किया। ग्रामीण रातभर जागकर अपने परिवार और मवेशियों की सुरक्षा करने को मजबूर थे। हाथी रात में कई किलोमीटर तक घूमकर खेतों और गांवों में तबाही मचाता रहा।

प्रमुख घटनाएं

2 अप्रैल: मरवाही क्षेत्र में 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत।

26 अप्रैल: एक महिला की मौत, पति और 6 वर्षीय बच्चा घायल।

30 अप्रैल: 23 वर्षीय युवती जानकी कोल की मौत।

7-8 मई: चार मवेशियों को मार डाला।

13 मई: शहडोल के गिरवा गांव में 55 वर्षीय व्यक्ति और एक मवेशी की मौत।

जनप्रतिनिधियों की मांग

शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह ने वन मंत्री दिलीप अहिरवार और वन विभाग के अधिकारियों से हाथी को जल्द रेस्क्यू करने की मांग की थी। स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

कैसे हुआ रेस्क्यू

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम ने केशवाही वन क्षेत्र के रामपुर बीट में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

प्रशिक्षित हाथियों “रामा”, “लक्ष्मण” और “सूर्या” की मदद ली गई।

डॉक्टरों और वन अधिकारियों की टीम ने जंगल में खोजबीन कर हाथी को सुरक्षित पकड़ लिया।

फिलहाल हाथी को सुरक्षित रेस्क्यू स्थल पर रखा गया है।

ग्रामीणों की चिंता

ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी थी कि हाथी को कॉलर आईडी लगाकर फिर से इसी क्षेत्र में छोड़ा जा सकता है। हालांकि फिलहाल हाथी के पकड़े जाने से लोगों ने राहत की सांस ली है।

अन्य हाथियों की स्थिति

चार हाथियों का एक अन्य समूह अब छत्तीसगढ़ के मरवाही क्षेत्र की ओर बढ़ गया है और संभावना है कि वह अपने बड़े झुंड से जा मिलेगा।

मुआवजे की मांग

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने राजस्व विभाग से मांग की है कि हाथियों के हमलों में प्रभावित परिवारों और पशुपालकों को जल्द आर्थिक सहायता दी जाए।


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