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खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के भीकनगांव इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सड़क की खराब स्थिति बड़ी बाधा बन गई। शुक्रवार शाम एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के दौरान 108 एंबुलेंस कच्चे रास्ते पर कीचड़ में फंस गई, जिसके बाद महिला को पहले बैलगाड़ी और फिर दोपहिया वाहन की मदद से अस्पताल ले जाना पड़ा।
अस्पताल पहुंचने के बाद महिला ने एक मृत बच्ची को जन्म दिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र की सड़क व्यवस्था और ग्रामीण इलाकों में आपातकालीन सेवाओं की पहुंच को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
कच्चे रास्ते पर फंसी एंबुलेंस
मध्यप्रदेश के #खरगौन जिले में एम्बुलेंस कीचड़ में फँस गई
— Moin Khan (@MoinAfridiMP) September 20, 2026
फिर गर्भवती महिला को 2 किमी दूर बैलगाड़ी से ले जाया गया
और देरी होने से बच्चे की मौत हो गई।
समाचार समाप्त हुए।
इग्नोर करिए ये सब तो रोज़ का है।
pic.twitter.com/Qyt6hFExDN
जानकारी के अनुसार, यह घटना भीकनगांव से करीब दो किलोमीटर दूर पिपलिया पंचायत के मांगिया फलिया क्षेत्र की है।
बताया जा रहा है कि गर्भवती महिला शिवानी को प्रसव पीड़ा होने के बाद अस्पताल ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस बुलाई गई थी। एंबुलेंस महिला तक पहुंचने के लिए कच्चे रास्ते से गुजर रही थी, लेकिन रास्ते में मौजूद कीचड़ के कारण वाहन फंस गया।
काफी प्रयास के बाद भी एंबुलेंस को बाहर नहीं निकाला जा सका।
बैलगाड़ी से अस्पताल ले जाने की नौबत
एंबुलेंस के फंसने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की।
महिला को पहले बैलगाड़ी से ले जाया गया और इसके बाद आगे का सफर दोपहिया वाहन से पूरा किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, खराब सड़क के कारण समय पर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचना मुश्किल हो गया।
अस्पताल में जन्मी मृत बच्ची
शिवानी को बाद में भीकनगांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने महिला का इलाज शुरू किया।
हालांकि, इलाज के दौरान महिला ने मृत बच्ची को जन्म दिया।
घटना के बाद परिवार में दुख का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क की खराब स्थिति को लेकर नाराजगी जताई है।
घटना का वीडियो हुआ वायरल
इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एंबुलेंस के कीचड़ में फंसे होने और महिला को बैलगाड़ी से अस्पताल ले जाते हुए देखा जा सकता है।
वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में कच्चे रास्तों की स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।
सड़क की खराब स्थिति बनी चुनौती
स्थानीय लोगों के अनुसार, मांगिया फलिया क्षेत्र में सड़क की हालत लंबे समय से खराब है। बारिश के दौरान रास्ते में कीचड़ जमा हो जाता है और वाहनों का आवागमन प्रभावित होता है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार आपात स्थिति में मरीजों को इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
प्रशासन से सड़क सुधार की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुधार की मांग की है। उनका कहना है कि बेहतर सड़क होने से एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं आसानी से गांव तक पहुंच सकती हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि बारिश से पहले ऐसे रास्तों को दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में किसी मरीज को परेशानी न उठानी पड़े।
जांच और कार्रवाई पर नजर
फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन घटना के सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रहे हैं।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बेहतर सड़क व्यवस्था की जरूरत को एक बार फिर सामने लाती है।





