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गेहूं खरीद की पूरी तैयारी, बंपर उत्पादन के बीच किसानों को मिलेगा पूरा लाभ: CM

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि वैश्विक चुनौतियों और एक्सपोर्ट-सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर के बावजूद राज्य सरकार किसानों से गेहूं की पूरी फसल खरीदने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी किसान की उपज बिना खरीदे न रहे और उन्हें उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिले।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष राज्य में गेहूं का उत्पादन लगभग दोगुना हो गया है, जिससे यह एक बंपर पैदावार का साल साबित हुआ है। इस बढ़े हुए उत्पादन को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से गेहूं खरीद का कोटा बढ़ाने का अनुरोध किया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों से उपज खरीदी जा सके और किसी को नुकसान न हो।
मोहन यादव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का भी कृषि बाजार पर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर हालात के कारण भारत से गेहूं के निर्यात में कमी आई है, जबकि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के चलते जूट के आयात पर भी असर देखने को मिला है। इन परिस्थितियों ने कृषि आपूर्ति श्रृंखला को कुछ हद तक प्रभावित किया है।
इन चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि गेहूं खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पॉलीप्रोपाइलीन (PP) बैग की व्यवस्था की गई है, ताकि भंडारण और परिवहन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उन्होंने यह भी बताया कि गेहूं खरीद की पूरी योजना किसान संगठनों से चर्चा कर तैयार की गई है। इस योजना के तहत खरीद प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसमें पहले छोटे किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा। इसके बाद क्रमशः मध्यम और बड़े किसानों से उपज की खरीद की जाएगी, ताकि सभी वर्गों को समान अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को उनकी उपज का समय पर और उचित भुगतान सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को सक्रिय किया गया है और खरीद केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खरीद कार्य में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही न हो।
इस घोषणा के साथ मध्य प्रदेश सरकार ने संकेत दिया है कि वह कृषि उत्पादन बढ़ने की स्थिति में भी किसानों के हितों को प्राथमिकता देती रहेगी और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद खरीद व्यवस्था को मजबूत बनाए रखेगी।





