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मध्य प्रदेश
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में मध्य प्रदेश और दुबई की डीपी वर्ल्ड कंपनी के बीच हुआ करार
SHIDDHANT
22 Jan 2026 9:59 PM IST

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Bhopal भोपाल। दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में मध्य प्रदेश और दुबई की डीपी वर्ल्ड कंपनी के बीच करार हुआ है। आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी में बताया गया है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में दावोस में मध्य प्रदेश और वैश्विक लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन क्षेत्र की संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में स्थित अग्रणी कंपनी डीपी वर्ल्ड के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
मध्य प्रदेश शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई एवं डीपी वर्ल्ड की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा वित्त एवं व्यवसाय विकास अधिकारी अनिल मोहता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर डीपी वर्ल्ड के समूह अध्यक्ष सुल्तान अहमद बिन सुलायेम उपस्थित रहे। इस एमओयू के माध्यम से औद्योगिक विकास और निवेश सहयोग से जुड़े विषयों पर सहमति बनी, जो राज्य में लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर, और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।
इस एमओयू में डीपी वर्ल्ड द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई। यह पहल राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री यादव ने इस अवसर पर राज्य की औद्योगिक नीतियों और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण एवं बुनियादी ढांचे के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। एमओयू के दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और औपचारिक रूप से समझौता दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया। यह समझौता ज्ञापन मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और व्यापार के क्षेत्र में एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 में भारत का सबसे बड़ा दल पहुंचा है। आज भारत सभी क्षेत्रों में तेज गति से आगे बढ़ रहा है और बहुत जल्द चैथी सबसे सशक्त आर्थिक ताकत से एक से डेढ़ वर्ष में विश्व में तीसरा स्थान हासिल कर लेगा। बदलाव के इस दौर में मध्यप्रदेश में सोलर एनर्जी, आईटी, टूरिज्म सहित सभी सेक्टर्स में विकास की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का पावर हब बन चुका है। प्रदेश में पंप स्टोरेज, सोलर एनर्जी और विंड एनर्जी उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है।
ओंकारेश्वर में बांध के पानी पर सोलर प्लेट बिछाकर बिजली उत्पादन किया जा रहा है। राज्य में 32 लाख किसानों को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर पंप बांटे जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि देश में नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से उत्पादित सबसे सस्ती बिजली मध्यप्रदेश उपलब्ध करवा रहा है। प्रदेश के इस मॉडल को समझने और अध्ययन करने के लिए लोग काफी उत्साहित हैं।
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