मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में अर्नब के बाद मुरासु का अलर्ट, 15 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

Kavita2
2 Nov 2026 12:02 PM IST
मध्य प्रदेश में अर्नब के बाद मुरासु का अलर्ट, 15 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी
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भोपाल। मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के प्रभाव के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले चार दिनों में प्रदेश के कई इलाकों में दिन के अधिकतम तापमान में 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। रात के तापमान में भी कमी आने से ठंड का असर बढ़ गया है। इस बीच बंगाल की खाड़ी में विकसित चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने मौसम विभाग की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, नए मौसम तंत्र के प्रभाव से मध्य प्रदेश में 5 नवंबर तक आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रह सकता है। सोमवार को प्रदेश के 15 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

चार दिनों में 8 डिग्री तक गिरा पारा

मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। चक्रवात अर्नब के कमजोर पड़ने के बाद उसके अवशेषों का प्रभाव प्रदेश के मौसम पर बना हुआ है। बादलों की आवाजाही और बारिश के कारण दिन में धूप का असर कम हुआ है। इसका सीधा असर अधिकतम तापमान पर देखने को मिला है।

मौसम संबंधी रिपोर्ट के अनुसार, चंबल, सागर और रीवा संभाग के कुछ जिलों में अधिकतम तापमान में लगभग 5.3 से 7.7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में भी अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया। शनिवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.4 डिग्री कम था।

रात के तापमान में भी गिरावट का असर दिखाई दे रहा है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान कम होने से सुबह और देर रात ठंड महसूस की जा रही है। मौसम में आए इस बदलाव के कारण लोगों को दिन के समय भी हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है।

सोमवार को इन 15 जिलों में बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार, 2 नवंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। जिन जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है, उनमें शामिल हैं:

- जबलपुर और नरसिंहपुर

- छिंदवाड़ा और पांढुर्णा

- सिवनी और बालाघाट

- मंडला और डिंडोरी

- कटनी और उमरिया

- अनूपपुर और शहडोल

- मैहर, सीधी और सिंगरौली

इन जिलों के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार, हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी है।

5 नवंबर तक मौसम रहेगा खराब

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, मुरासु चक्रवात और अन्य सक्रिय मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से 3 से 5 नवंबर के बीच मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और आंधी का दौर जारी रह सकता है।

3 और 4 नवंबर को नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ और धार सहित कई जिलों में मौसम प्रभावित होने की संभावना है। इसके अलावा सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, मैहर और पांढुर्णा में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का पूर्वानुमान है।

5 नवंबर को भी नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

चक्रवात मुरासु का बंगाल की खाड़ी में असर

मौसम में इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मुरासु को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 1 नवंबर को दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में इस चक्रवाती तूफान की स्थिति की जानकारी दी थी।

इस तूफान का मुख्य प्रभाव आंध्र प्रदेश और आसपास के तटीय क्षेत्रों में रहने की आशंका है। हालांकि, इससे संबंधित मौसमी गतिविधियों का असर मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी दिखाई दे सकता है। इसी कारण मध्य प्रदेश के कई संभागों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।

किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम में अचानक बदलाव का असर खेती-किसानी और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। जिन इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है, वहां किसानों को कटाई, फसल सुखाने और अनाज के भंडारण के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।

तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका के बीच लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। आंधी के दौरान कमजोर निर्माण, बिजली के खंभों और लटकते तारों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश में सोमवार को उपखंड स्तर पर कोई चेतावनी नहीं थी, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी था। 3 से 5 नवंबर के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी मौसम संबंधी चेतावनी लागू होने का पूर्वानुमान है।

फिलहाल मध्य प्रदेश में अर्नब के बाद मुरासु से जुड़ी मौसमी गतिविधियों के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। एक तरफ तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में मौसम विभाग के नए बुलेटिन के आधार पर स्थिति में बदलाव हो सकता है।

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