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मध्य प्रदेश
महंगे कपड़े पहनकर AC कोच में करता था चोरी ग्वालियर GRP ने दबोचा आरोपी
Ratna Netam
28 Oct 2026 8:01 PM IST

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ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने ट्रेनों के एसी कोचों में यात्रियों के बैग और कीमती सामान चोरी करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे और उसकी निशानदेही पर 34 बैग सहित करीब 8 लाख 26 हजार रुपये का सामान बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपक मौर्य के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बना रहा था। वह महंगे कपड़े पहनकर एसी कोच में सवार होता था, ताकि किसी को उस पर संदेह न हो। इसके बाद मौका मिलते ही यात्रियों के बैग लेकर फरार हो जाता था।
महंगे कपड़े पहनकर एसी कोच में करता था सफर
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए खास तरीका अपनाता था। वह अच्छे और महंगे कपड़े पहनकर ट्रेन के एसी कोच में प्रवेश करता था। उसके पहनावे और व्यवहार को देखकर दूसरे यात्रियों को उस पर शक नहीं होता था।आरोपी सामान्य यात्री की तरह कोच में बैठकर आसपास के लोगों की गतिविधियों पर नजर रखता था। जैसे ही किसी यात्री का ध्यान अपने सामान से हटता या वह सो जाता, आरोपी उसका बैग उठाकर अगले स्टेशन पर उतर जाता था।इस तरीके से वह कई बार चोरी की वारदातों को अंजाम देने में सफल रहा। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जीआरपी ने संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई और जांच के दौरान आरोपी को पकड़ लिया।
आरोपी के पास से 34 बैग और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद
जीआरपी की कार्रवाई में बड़ी संख्या में चोरी का सामान बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, इनमें 34 बैग, लैपटॉप, चार मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, बरामद सामान में टैबलेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी शामिल हैं।बरामद सामान की कुल कीमत लगभग 8 लाख 26 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी किए गए बैग किन-किन यात्रियों के हैं और इनमें से कितने मामलों में पहले से शिकायत दर्ज कराई गई थी।पुलिस के लिए बरामद सामान के वास्तविक मालिकों की पहचान करना भी महत्वपूर्ण चुनौती है। इसके लिए पुराने चोरी के मामलों और यात्रियों की शिकायतों का मिलान किया जा सकता है।
बीटेक की पढ़ाई कर चुका है गिरफ्तार आरोपी
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली जानकारी आरोपी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि को लेकर सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दीपक मौर्य बीटेक की पढ़ाई कर चुका है और उसके पिता भारतीय वायुसेना में कार्यरत बताए जा रहे हैं।जानकारी के मुताबिक, आरोपी पहले एक निजी फाइनेंस कंपनी में नौकरी भी कर चुका था। जीआरपी डीएसपी कीर्ति नरवरिया के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि आर्थिक नुकसान के बाद उसकी परिस्थितियां बदल गई थीं।कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि आरोपी अपनी गर्लफ्रेंड के महंगे शौक पूरे करने के लिए चोरी करता था। हालांकि, इस कथित मकसद की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर चोरी के पीछे की परिस्थितियों और अन्य संभावित कारणों का पता लगा रही है।
चार से छह महीने से चोरी करने का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी पिछले चार से छह महीने से ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। वह विशेष रूप से लंबी दूरी की ट्रेनों के एसी कोचों को निशाना बनाता था।इन कोचों में यात्रा करने वाले यात्रियों के पास अक्सर लैपटॉप, मोबाइल फोन, नकदी, जरूरी दस्तावेज और अन्य कीमती सामान होता है। ऐसे में एक बैग चोरी होने से यात्रियों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।जीआरपी अब आरोपी की गतिविधियों और यात्राओं का विवरण जुटाने में लगी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने ग्वालियर के अलावा दूसरे रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में कितनी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था।
जीटी एक्सप्रेस में हुई चोरी से भी जुड़ा मामला
जांच के दौरान जीटी एक्सप्रेस में यात्री का सामान चोरी होने के मामले में भी आरोपी की संभावित भूमिका सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, ग्वालियर के गोल का मंदिर क्षेत्र निवासी दीपक शर्मा के सामान की चोरी के मामले की जांच की गई है।इसके अलावा नागपुर की एक महिला यात्री के सामान की चोरी से जुड़े मामले में भी आरोपी की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।पुलिस का मानना है कि आरोपी से पूछताछ और बरामद सामान की पहचान के आधार पर अन्य चोरी की घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपी कितने मामलों में शामिल था।
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
इस घटना ने ट्रेनों में यात्रियों के सामान की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। विशेषकर एसी कोचों में यात्रा करने वाले यात्रियों को अपेक्षाकृत सुरक्षित माहौल मिलने की उम्मीद रहती है। लेकिन ऐसी घटनाएं बताती हैं कि यात्रियों की थोड़ी सी लापरवाही का फायदा उठाकर चोरी की जा सकती है।रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए जीआरपी तथा रेलवे सुरक्षा बल की अलग-अलग जिम्मेदारियां हैं। ऐसे मामलों की रोकथाम में स्टेशन पर निगरानी, संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और यात्रियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।यात्रियों को भी सलाह दी जाती है कि वे सफर के दौरान अपने कीमती सामान को सुरक्षित रखें। मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी और जरूरी दस्तावेजों को अनजान व्यक्तियों के भरोसे न छोड़ें।
अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना
फिलहाल जीआरपी गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस बरामद बैगों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के मालिकों की पहचान करने के साथ ही विभिन्न ट्रेनों में दर्ज चोरी की शिकायतों की पड़ताल कर रही है।इस कार्रवाई से उन यात्रियों को अपना सामान वापस मिलने की उम्मीद बढ़ी है, जिनके बैग यात्रा के दौरान चोरी हुए थे।ग्वालियर जीआरपी की इस कार्रवाई को रेलवे यात्रियों के सामान की चोरी के मामलों की जांच में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
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