- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- महिलाओं के साहस और...
महिलाओं के साहस और नेतृत्व को मिला नया मंच, 'Be You' थीम पर आत्मनिर्भरता और सफलता का संदेश

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में शुक्रवार को आयोजित 'लीडहर कॉन्क्लेव 2026' (LeadHer Conclave 2026) में महिला सशक्तिकरण, नेतृत्व, उद्यमिता और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन हुआ। कार्यक्रम में उद्योग जगत के दिग्गजों, वरिष्ठ प्रशासकों, महिला उद्यमियों और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाली महिलाओं ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने महिलाओं के साहस, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए उन्हें अपनी पहचान के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने इंडियन विमेन नेटवर्क (IWN) और यंग इंडियंस (Yi) के सहयोग से इस सम्मेलन का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को ऐसा मंच उपलब्ध कराना था, जहां वे अपने अनुभव साझा कर सकें और व्यक्तिगत तथा पेशेवर जीवन की चुनौतियों से निपटने के नए तरीके सीख सकें। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय, भोपाल के उप सचिव सुधीर कोचर की मौजूदगी का भी उल्लेख किया गया।
'Be You' थीम ने दिया खुद पर भरोसा रखने का संदेश
कॉन्क्लेव की थीम 'बी यू' (Be You) यानी 'आप जैसे हैं, वैसे ही रहें' रखी गई थी। इसका संदेश था कि महिलाओं को सामाजिक अपेक्षाओं या दूसरों की राय के दबाव में अपनी पहचान नहीं खोनी चाहिए।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि प्रत्येक महिला की अपनी क्षमताएं, सपने और प्राथमिकताएं होती हैं। सफलता हासिल करने के लिए जरूरी है कि महिलाएं अपनी खूबियों को पहचानें और आत्मविश्वास के साथ फैसले लें।
वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को जीवन में कई तरह की जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। परिवार, करियर और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता। इसके बावजूद महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।
सम्मेलन का संदेश था कि सफलता का कोई एक निर्धारित रास्ता नहीं होता। प्रत्येक महिला अपनी परिस्थितियों और क्षमताओं के अनुसार आगे बढ़ सकती है।
महिला उद्यमियों की चुनौतियों पर हुई चर्चा
कॉन्क्लेव में महिला उद्यमिता एक प्रमुख विषय रहा। चर्चा के दौरान पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ व्यवसाय को आगे बढ़ाने की चुनौतियों पर विचार किया गया।
वक्ताओं ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को उनके सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार बताया। उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा गया।
कार्यक्रम में यह संदेश भी सामने आया कि महिलाओं को केवल व्यवसाय शुरू करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे आगे बढ़ाने और नेतृत्व की बड़ी जिम्मेदारियां संभालने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
इस दौरान अनुभवी उद्यमियों ने अपनी पेशेवर यात्राओं से जुड़े अनुभव साझा किए। इन चर्चाओं का उद्देश्य उभरती महिला उद्यमियों को प्रेरित करना और उन्हें व्यवसाय की चुनौतियों के प्रति जागरूक बनाना था।
महिला स्वास्थ्य और मानसिक मजबूती पर विशेष जोर
सम्मेलन में महिलाओं के स्वास्थ्य को भी प्रमुखता दी गई। 'बी हेल्दी – द वुमन विदिन' विषय पर आयोजित परिचर्चा में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर चर्चा हुई।
इस सत्र में डॉ. सरिता राव और शीना चावला ने महिलाओं की सेहत, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और बेहतर जीवनशैली से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे।
चर्चा में यह बात उभरकर सामने आई कि परिवार और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच महिलाएं कई बार अपनी सेहत को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दे पातीं।
ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और व्यक्तिगत जरूरतों पर ध्यान देना आवश्यक है।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ महिला न केवल अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा सकती है, बल्कि अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए भी अधिक सक्षम होती है।
कारोबार और विरासत निर्माण में महिलाओं की भूमिका
कॉन्क्लेव का दूसरा प्रमुख परिचर्चा सत्र 'बी द चेंज – वीमेन, बिजनेस एंड लेगेसी' विषय पर केंद्रित रहा।
इसमें पारिवारिक व्यवसायों, उद्यमिता और दीर्घकालिक नेतृत्व में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा की गई।
सत्र के दौरान अमिता अग्रवाल और हिमिका चोकसी ने अपने व्यावसायिक अनुभव साझा किए। उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व, कारोबार में निर्णय लेने की क्षमता और भविष्य के लिए मजबूत व्यावसायिक आधार तैयार करने जैसे विषयों पर विचार रखे।
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि व्यवसाय में महिलाओं की भागीदारी केवल सहयोगी भूमिका तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
महिलाएं अपनी दूरदृष्टि, प्रबंधन क्षमता और नवाचार के जरिए कारोबार को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान कर सकती हैं।
शिक्षा और कौशल विकास से खुलेंगे नए अवसर
कॉन्क्लेव की शुरुआत सीआईआई मालवा जोन की अध्यक्ष अनुभा आनंद के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने महिला नेतृत्व को प्रोत्साहित करने और अनुभव साझा करने के लिए ऐसे आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला।
रजत बनर्जी ने सम्मेलन की थीम पर अपने विचार व्यक्त करते हुए महिलाओं को अपनी जीवन यात्रा की दिशा स्वयं निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. स्वाति मुजुमदार ने शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं के लिए नए अवसर तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस दौरान महिला नेतृत्व को मजबूत बनाने के लिए सीखने, आत्मविश्वास बढ़ाने और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने जैसे पहलुओं को महत्वपूर्ण बताया गया।
युवा महिलाओं को मिला आगे बढ़ने का संदेश
कार्यक्रम में महिला नेतृत्वकर्ताओं के साथ युवा प्रतिभाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही।
कॉन्क्लेव ने अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं को आपस में जुड़ने, अनुभव साझा करने और नए दृष्टिकोण समझने का अवसर दिया।
महिला समुदायों की सामूहिक शक्ति पर चर्चा करते हुए नेहा के. कनाबार ने आपसी सहयोग और नेटवर्किंग के महत्व को रेखांकित किया।
सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण संदेश यह भी रहा कि महिलाओं की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं होती। जब महिलाएं एक-दूसरे का सहयोग करती हैं, तो नए अवसरों और मजबूत नेतृत्व की संभावनाएं बढ़ती हैं।
आत्मविश्वास और बदलाव के संकल्प के साथ समापन
कॉन्क्लेव का समापन अर्चना अग्रवाल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। आयोजन में महिलाओं को अपने निर्णयों पर भरोसा रखने, चुनौतियों का सामना करने और अपनी विशिष्ट पहचान को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
इस कार्यक्रम ने स्पष्ट किया कि महिला सशक्तिकरण केवल आर्थिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, नेतृत्व, निर्णय लेने की स्वतंत्रता और सामाजिक भागीदारी भी महत्वपूर्ण हैं।
'लीडहर कॉन्क्लेव 2026' ने महिलाओं को यह संदेश दिया कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए किसी निर्धारित सामाजिक ढांचे तक सीमित रहने के बजाय अपनी क्षमताओं और इच्छाओं के अनुरूप जीवन की दिशा तय कर सकती हैं।





