मध्य प्रदेश

छतरपुर में 351 साल पुराने जगन्नाथ मंदिर से निकलेगी भव्य रथ यात्रा

Kavita2
16 July 2026 1:21 PM IST
छतरपुर में 351 साल पुराने जगन्नाथ मंदिर से निकलेगी भव्य रथ यात्रा
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छतरपुर : छतरपुर शहर में भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुरुवार को ताम्रहाई इलाके में स्थित 351 साल पुराने श्री जगन्नाथ स्वामी जी मंदिर से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी।

धार्मिक आस्था और परंपरा से जुड़े इस नौ दिवसीय उत्सव का शुभारंभ शाम 5 बजे वैदिक रीति-रिवाजों और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ होगा। यह आयोजन 24 जुलाई तक चलेगा। रथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।

वैदिक विधि-विधान से होगी शुरुआत

रथ यात्रा के शुभारंभ से पहले मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा की जाएगी।

इसके बाद भगवान की प्रतिमाओं को पारंपरिक विधि से रथ पर विराजमान किया जाएगा और श्रद्धालु रथ यात्रा में शामिल होंगे।

आयोजन समिति के अनुसार, पूरे कार्यक्रम को धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार संपन्न कराया जाएगा।

शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी रथ यात्रा

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शहर के प्रमुख रास्तों से होकर निकलेगी। यात्रा का मार्ग ताम्रहाई क्षेत्र से शुरू होकर शहर के मुख्य इलाकों से होते हुए पुरानी तहसील क्षेत्र तक पहुंचेगा।

श्रद्धालुओं के स्वागत और दर्शन के लिए मार्ग में विशेष व्यवस्था की गई है। लोग जगह-जगह रथ यात्रा के दर्शन कर भगवान का आशीर्वाद लेंगे।

रथ यात्रा के दौरान भक्ति गीत, जयकारों और धार्मिक वातावरण से पूरा शहर भक्तिमय होने की उम्मीद है।

पुरानी तहसील में तीन दिन रहेगा भगवान का प्रवास

रथ यात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा पुरानी तहसील क्षेत्र में प्रवास करेंगे। यहां 17 जुलाई से 19 जुलाई तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस दौरान श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलेगा। मंदिर और आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

इसके बाद निर्धारित धार्मिक परंपरा के अनुसार आगे के कार्यक्रम संपन्न होंगे।

351 साल पुरानी परंपरा से जुड़ा आयोजन

श्री जगन्नाथ स्वामी जी मंदिर की यह रथ यात्रा छतरपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

351 साल पुराने इस मंदिर से निकलने वाली रथ यात्रा में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। यह आयोजन क्षेत्र की धार्मिक विरासत और आस्था को दर्शाता है।

स्थानीय लोगों के लिए यह केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव का भी अवसर होता है।

आयोजन समिति ने पूरी की तैयारियां

रथ यात्रा को सफल और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए श्री जगन्नाथ स्वामी जी मंदिर पुनर्निर्माण समिति और रथ यात्रा समिति की ओर से तैयारियां की गई हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा, व्यवस्था और आयोजन की सफलता के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां तय की गई हैं।

समिति के सदस्यों ने बताया कि रथ यात्रा के दौरान भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।

सुरक्षा और व्यवस्था पर प्रशासन की नजर

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से भी व्यवस्था की जा रही है।

भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों का प्रयास रहेगा कि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।

श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

भक्तों में उत्साह का माहौल

रथ यात्रा को लेकर छतरपुर शहर में उत्साह का माहौल है। श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ यात्रा में शामिल होने के लिए उत्सुक हैं।

धार्मिक आस्था, परंपरा और संस्कृति के संगम के रूप में आयोजित होने वाली यह रथ यात्रा एक बार फिर शहर में भक्ति का वातावरण बनाएगी।

24 जुलाई तक चलने वाले इस उत्सव में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।

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