मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग के 80 अधिकारियों को प्रमोशन

Kavita2
7 Aug 2026 11:32 AM IST
मध्य प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग के 80 अधिकारियों को प्रमोशन
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भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग में एक बड़ी प्रशासनिक पहल करते हुए राज्यभर के 80 अधिकारियों के प्रमोशन का फैसला लिया है। लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए विभाग के नौ प्रोजेक्ट ऑफिसरों को असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर पदोन्नत किया गया है। विभाग के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में प्रोजेक्ट ऑफिसरों को एक साथ प्रमोशन दिया गया है।

राज्य सरकार के इस निर्णय से महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत अधिकारियों में उत्साह का माहौल है। पदोन्नति मिलने के बाद अधिकारियों ने इसे उनके लंबे समय से प्रतीक्षित मांग के पूरा होने के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि विभागीय कामकाज को भी मजबूती मिलेगी।

जिन अधिकारियों को प्रोजेक्ट ऑफिसर से असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर प्रमोशन मिला है, उनमें राजेंद्र मंडलोई, रवि शर्मा, विक्रमसिंह चौहान, चित्रा यादव, रेखा शर्मा और वर्षा चौहान सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। इन अधिकारियों ने विभाग में लंबे समय तक विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है।

प्रमोशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया से मुलाकात की और उनका आभार व्यक्त किया। अधिकारियों ने कहा कि मंत्री के प्रयासों और विभागीय स्तर पर किए गए प्रयासों के कारण लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया को गति मिल सकी।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को नई ऊर्जा मिलेगी। साथ ही, प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग राज्य में महिलाओं और बच्चों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन करता है। इनमें आंगनवाड़ी सेवाएं, पोषण अभियान, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम और बाल संरक्षण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। विभाग में वरिष्ठ पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति से इन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रशासनिक विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर प्रमोशन मिलने से अधिकारियों में कार्यक्षमता और जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है। लंबे समय तक पदोन्नति नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष की स्थिति बन सकती है, लेकिन इस तरह के फैसलों से विभागीय ढांचे को मजबूती मिलती है।

महिला एवं बाल विकास विभाग में एक साथ बड़ी संख्या में अधिकारियों के प्रमोशन को प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य विभागीय कामकाज को बेहतर बनाना और योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए अनुभवी अधिकारियों को उच्च जिम्मेदारियां देना है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रमोशन के बाद अधिकारी नई जिम्मेदारियों के साथ प्रदेश में महिला और बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं को और बेहतर तरीके से लागू करने में योगदान देंगे। इससे जिलों और परियोजना स्तर पर प्रशासनिक समन्वय मजबूत होने की संभावना है।

पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला उनके लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे नई जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे और विभाग के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लगातार काम करेंगे।

गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण विभाग है, जिसके माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों तक कई कल्याणकारी योजनाएं पहुंचाई जाती हैं। ऐसे में विभागीय अधिकारियों की भूमिका योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में अहम होती है।

राज्य सरकार के इस फैसले को विभागीय ढांचे को मजबूत करने और अधिकारियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में प्रमोशन पाए अधिकारी अपनी नई जिम्मेदारियों के साथ प्रदेश में महिला और बाल विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।

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