मध्य प्रदेश

काली मंदिर का प्रसाद खाने के बाद 8 लोग बीमार, 2 साल के बच्चे की हालत गंभीर

Kavita2
3 Oct 2026 5:07 PM IST
काली मंदिर का प्रसाद खाने के बाद 8 लोग बीमार, 2 साल के बच्चे की हालत गंभीर
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छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक पारिवारिक मिलन समारोह उस समय मेडिकल इमरजेंसी में बदल गया, जब काली मंदिर का प्रसाद खाने के कुछ देर बाद एक ही परिवार के आठ लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बीमार लोगों में चार बच्चे और तीन महिलाएं शामिल हैं। इनमें दो साल के एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि इलाज के बाद बाकी सात लोगों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। परिवार ने घटना को लेकर तंत्र-मंत्र की आशंका जताई है, हालांकि चिकित्सकों ने अभी बीमारी के वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं की है।

घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के बरकौहा गांव की बताई गई है। प्रसाद खाने के बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत कुछ ही मिनटों में बिगड़ने लगी। अचानक एक साथ इतने लोगों के बीमार पड़ने से परिवार में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद सभी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल में भर्ती महिलाओं में एक महिला सात महीने की गर्भवती भी है। चिकित्सकों की निगरानी में सभी का उपचार किया गया। इलाज के बाद सात लोगों की स्थिति में सुधार हुआ, लेकिन दो साल के बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सक बच्चे की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

मंदिर से मिला था करीब आधा किलो पेड़ा

परिवार के सदस्य गणेश कुशवाहा के अनुसार गांव के काली मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद परिवार को प्रसाद के रूप में करीब आधा किलो पेड़ा मिला था। परिवार के लोगों ने इसे धार्मिक प्रसाद मानकर ग्रहण किया।

बताया गया कि प्रसाद खाने के कुछ ही समय बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी। एक के बाद एक कई लोगों में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी दिखाई देने से परिवार घबरा गया। सबसे अधिक चिंता छोटे बच्चों की हालत को लेकर हुई।

परिवार के आठ सदस्यों को बीमार देखकर तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाने का फैसला लिया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने सभी का उपचार शुरू किया।

चार बच्चे और तीन महिलाएं भी बीमार

बीमार लोगों में बच्चों और महिलाओं की संख्या अधिक होने के कारण मामला और गंभीर हो गया। चार बच्चों के साथ तीन महिलाओं की भी तबीयत बिगड़ी। सात महीने की गर्भवती महिला के भी बीमार होने के कारण चिकित्सकों ने विशेष निगरानी में उपचार किया।

उपचार के बाद अधिकांश लोगों की स्थिति स्थिर हो गई। हालांकि दो वर्षीय बच्चे की हालत को लेकर चिंता बनी हुई है। बच्चे का इलाज जारी है और चिकित्सक उसकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि परिवार के सदस्य किस वजह से बीमार पड़े। प्रसाद में किसी तरह की गड़बड़ी थी या बीमारी की कोई दूसरी वजह रही, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

परिवार ने जताई तंत्र-मंत्र की आशंका

घटना के बाद परिवार ने तंत्र-मंत्र से जुड़ी आशंका भी जताई है। हालांकि इस दावे की चिकित्सकीय या वैज्ञानिक पुष्टि सामने नहीं आई है। डॉक्टरों ने फिलहाल बीमारी की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं की है।

ऐसे मामलों में बीमारी का कारण जानने के लिए खाद्य सामग्री की जांच और मरीजों में दिखाई देने वाले लक्षणों का चिकित्सकीय परीक्षण महत्वपूर्ण होता है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, किसी एक कारण को निश्चित रूप से जिम्मेदार ठहराना संभव नहीं है।

परिवार की ओर से लगाए गए आरोप की भी संबंधित स्तर पर जांच की जा सकती है। फिलहाल प्राथमिकता बीमार लोगों के उपचार और दो साल के बच्चे की स्थिति को स्थिर करने की है।

कुछ ही मिनटों में बिगड़ी तबीयत

परिवार के अनुसार प्रसाद खाने के कुछ ही मिनटों के भीतर लोगों की तबीयत खराब होने लगी थी। अचानक इतने लोगों के बीमार पड़ने से घर में मौजूद अन्य लोग भी घबरा गए।

एक साथ कई सदस्यों के बीमार होने के कारण उन्हें जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने मरीजों का उपचार शुरू करने के साथ उनकी स्थिति पर निगरानी रखी।

इस घटना में प्रसाद के रूप में मिले पेड़े की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। अगर प्रसाद का कुछ हिस्सा बचा हुआ है तो उसकी जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि उसमें कोई ऐसी चीज मौजूद थी या नहीं, जिससे लोगों की तबीयत बिगड़ी।

डॉक्टरों ने अभी नहीं बताया सही कारण

मरीजों के इलाज के बाद सात लोगों की हालत स्थिर बताई गई है, लेकिन बीमारी के सही कारण को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है। चिकित्सकों ने अभी यह निष्कर्ष नहीं दिया है कि सभी लोग किस वजह से अचानक बीमार पड़े।

मरीजों के लक्षण, उन्होंने क्या खाया था और तबीयत बिगड़ने में कितना समय लगा, जैसी जानकारियां कारण का पता लगाने में महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

चिकित्सकीय जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला फूड पॉइजनिंग से जुड़ा था या इसके पीछे कोई दूसरा कारण था।

दो साल के बच्चे की हालत गंभीर

घटना में सबसे ज्यादा चिंता दो साल के बच्चे की स्थिति को लेकर है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सक लगातार उसका उपचार कर रहे हैं।

बच्चे की कम उम्र को देखते हुए उसकी स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। परिवार के लोग भी अस्पताल में मौजूद हैं और उसके स्वास्थ्य में सुधार का इंतजार कर रहे हैं।

बाकी सात लोगों की स्थिति स्थिर होने से परिवार को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन बच्चे की गंभीर हालत के कारण चिंता बरकरार है।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

इस घटना के बाद कई सवाल सामने आए हैं। प्रसाद कहां और कैसे तैयार किया गया था, उसे मंदिर तक कौन लेकर आया, परिवार को प्रसाद किसने दिया और क्या अन्य लोगों ने भी वही प्रसाद खाया था—इन सवालों के जवाब जांच के दौरान महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

यह भी पता लगाया जाना जरूरी होगा कि प्रसाद खाने वाले केवल इसी परिवार के लोग बीमार हुए या किसी अन्य व्यक्ति ने भी इसे खाने के बाद स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की शिकायत की।

अगर प्रसाद के नमूने उपलब्ध होते हैं तो उनकी जांच बीमारी के वास्तविक कारण तक पहुंचने में मदद कर सकती है। डॉक्टरों की रिपोर्ट भी पूरे मामले को समझने में अहम होगी।

गांव में घटना को लेकर चर्चा

बरकौहा गांव में एक ही परिवार के आठ सदस्यों के अचानक बीमार होने की घटना के बाद लोगों के बीच चर्चा बनी हुई है। परिवार की ओर से तंत्र-मंत्र का आरोप लगाए जाने के कारण मामला और चर्चा में आ गया है। हालांकि बिना जांच और प्रमाण के इस आशंका की पुष्टि नहीं की जा सकती।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात बीमार लोगों का स्वास्थ्य है। सात लोगों की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि दो साल के बच्चे का इलाज जारी है।

काली मंदिर से मिले पेड़े का प्रसाद खाने के बाद आठ लोगों की तबीयत बिगड़ने के इस मामले का वास्तविक कारण चिकित्सकीय और अन्य जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। परिवार ने तंत्र-मंत्र की आशंका जताई है, लेकिन डॉक्टरों ने अभी बीमारी के कारण की पुष्टि नहीं की है।

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