मध्य प्रदेश

Bhopal, इंदौर और उज्जैन में 66 पेरी-अर्बन बस रूट अधिसूचित, अब शुरू होगी नई सार्वजनिक परिवहन सेवा

Kavita2
12 May 2026 10:36 AM IST
Bhopal, इंदौर और उज्जैन में 66 पेरी-अर्बन बस रूट अधिसूचित, अब शुरू होगी नई सार्वजनिक परिवहन सेवा
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : राज्य सरकार ने भोपाल, इंदौर और उज्जैन जिलों में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इन तीनों जिलों में कुल 66 पेरी-अर्बन (शहरी-ग्रामीण सीमा क्षेत्र) रूटों को अधिसूचित कर दिया है, जिसके बाद ट्रांसपोर्टर अब इन मार्गों पर बस सेवाएं संचालित कर सकेंगे।

लंबे समय से बड़े शहरों से जुड़े बाहरी क्षेत्रों में बेहतर परिवहन और कनेक्टिविटी की मांग की जा रही थी। इन इलाकों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था से इन समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है।

सरकारी अधिसूचना के अनुसार, इन रूटों के अंतर्गत सैकड़ों कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों को शामिल किया गया है। अब इन क्षेत्रों में नियमित बस सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे आम नागरिकों को शहरों तक पहुंचने में आसानी होगी। इन मार्गों पर केवल स्टेज कैरिज परमिट प्राप्त सार्वजनिक सेवा वाहन ही संचालन कर सकेंगे।

भोपाल में कुल 26 रूट अधिसूचित किए गए हैं। इनमें गांधीनगर से ISRO, चिरायु हॉस्पिटल से बंसल कॉलेज और सुखी सेवनिया से भोजपुर जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं। इन रूटों से शहर और आसपास के क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा।

इसी तरह इंदौर जिले में 28 नए पेरी-अर्बन रूट अधिसूचित किए गए हैं। इनमें तेजाजी नगर से पितृ पर्वत, चंदन नगर से देवास नाका और निपानिया से हातोद जैसे महत्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं। इन रूटों के शुरू होने से इंदौर के बाहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सीधे शहर से जोड़ने में मदद मिलेगी।

सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि रोजाना यात्रा करने वाले लोगों का समय और खर्च दोनों कम होंगे। इसके साथ ही निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, जिससे ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों में कमी आने की संभावना है।

उज्जैन जिले में भी इसी तरह के रूटों को अधिसूचित किया गया है, जिससे धार्मिक और शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन और सुगम होगा। प्रशासन ने ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करते हुए इन रूटों पर सेवाएं शुरू करें।

इस नई व्यवस्था को राज्य में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच दूरी कम होगी और विकास को गति मिलेगी।

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