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इंदौर में 47 EV चार्जिंग स्टेशन शुरू, सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर में सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बड़े पैमाने पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है। शहर में सार्वजनिक उपयोग के लिए कुल 47 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन शुरू किए गए हैं, जिससे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई गति मिलने की उम्मीद है।
यह पहल अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज़ लिमिटेड (AICTSL) द्वारा की गई है, जिसका उद्देश्य शहर में ग्रीन ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना और प्रदूषण कम करना है। इन चार्जिंग स्टेशनों में फास्ट चार्जर, स्लो चार्जर और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं, जो इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को अधिक आसान और सुविधाजनक बनाएंगी।
इन 47 चार्जिंग स्टेशनों को शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित किया गया है, ताकि आम नागरिक आसानी से इनका उपयोग कर सकें। अधिकारियों के अनुसार, इन स्थानों का चयन इस तरह किया गया है कि लोगों को अधिक दूरी तय किए बिना चार्जिंग सुविधा उपलब्ध हो सके।
AICTSL की पब्लिक रिलेशन्स ऑफिसर माला सिंह ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि यह इंदौर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट इकोसिस्टम के लिए एक गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि संस्था ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर शहर के हर हिस्से तक पहुंच सके और नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस नेटवर्क को और अधिक विस्तार देने की योजना है।
वहीं AICTSL के चीफ इंजीनियर इन-चार्ज अभिनव चौहान ने बताया कि ये सभी सुविधाएं विशेष रूप से आम नागरिकों के उपयोग के लिए विकसित की गई हैं। उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता को कम करना है।
इंदौर में पहले से ही स्वच्छता और ग्रीन सिटी मॉडल के लिए पहचान बनी हुई है, और अब इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में यह कदम शहर को और आगे ले जाने वाला माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की गति तेज होगी और इससे प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
शहर प्रशासन का मानना है कि इस तरह की योजनाएं न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करती हैं, बल्कि भविष्य की स्मार्ट सिटी अवधारणा को भी मजबूत करती हैं। आने वाले समय में इस नेटवर्क के और विस्तार की संभावना है, जिससे इंदौर देश के प्रमुख ईवी-फ्रेंडली शहरों में शामिल हो सकता है।





