मध्य प्रदेश

MANIT हॉस्टल में खाना खाने के बाद 40 छात्र बीमार, फूड पॉइजनिंग की आशंका

Kavita2
11 Oct 2026 1:56 PM IST
MANIT हॉस्टल में खाना खाने के बाद 40 छात्र बीमार, फूड पॉइजनिंग की आशंका
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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) में हॉस्टल का खाना खाने के बाद करीब 40 छात्रों के बीमार पड़ने का मामला सामने आया है। शुक्रवार रात हॉस्टल नंबर 10 में भोजन करने के बाद छात्रों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। फूड पॉइजनिंग की आशंका के चलते प्रभावित छात्रों को शारदा अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद संस्थान में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शनिवार को सीडी ब्लॉक हॉस्टल मेस का निरीक्षण किया, जिसमें कई कमियां सामने आईं।

इस घटना ने संस्थान में छात्रों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खास बात यह है कि जुलाई में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई थीं। कुछ महीनों के भीतर दोबारा छात्रों के बीमार पड़ने की घटना के बाद भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता मानकों और पिछली जांच के बाद की गई कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

शुक्रवार रात खाना खाने के बाद बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात हॉस्टल नंबर 10 में भोजन करने के बाद करीब 40 छात्रों की तबीयत बिगड़ गई।

छात्रों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। एक साथ बड़ी संख्या में छात्रों के बीमार पड़ने से हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता को लेकर चिंता पैदा हो गई।

प्रभावित छात्रों को उपचार के लिए शारदा अस्पताल में भर्ती कराया गया।

चिकित्सकीय लक्षणों को देखते हुए फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई है।

हालांकि, छात्रों के बीमार पड़ने का वास्तविक कारण क्या था, इसकी अंतिम चिकित्सकीय पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि भोजन में कौन-सी सामग्री खाने के बाद छात्रों को परेशानी हुई।

करीब 40 छात्रों को अस्पताल में कराया भर्ती

हॉस्टल में भोजन करने के बाद बीमार पड़े छात्रों की संख्या करीब 40 बताई गई है।

उल्टी और दस्त की शिकायत होने पर उन्हें शारदा अस्पताल ले जाया गया।

छात्रों को फूड पॉइजनिंग की आशंका के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हालांकि, इनमें से कितने छात्रों की हालत गंभीर थी और कितनों को उपचार के बाद छुट्टी दी गई, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

अस्पताल की ओर से छात्रों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कोई विस्तृत चिकित्सकीय रिपोर्ट भी सामने नहीं आई है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छात्रों के बीमार पड़ने के बाद उन्हें उपचार उपलब्ध कराया गया।

शनिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने की जांच

छात्रों के बीमार पड़ने की घटना के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के पास शिकायत पहुंची।

शिकायत के आधार पर विभाग की टीम ने शनिवार को सीडी ब्लॉक हॉस्टल मेस का निरीक्षण किया।

इस दौरान मेस की खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की गई।

निरीक्षण में कई कमियां सामने आने की जानकारी दी गई है।

हालांकि, विभाग की ओर से जांच में मिली सभी अनियमितताओं का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि निरीक्षण के दौरान भोजन या खाद्य सामग्री के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए लिए गए या नहीं।

मेस की व्यवस्था में मिलीं खामियां

खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में सीडी ब्लॉक हॉस्टल मेस में कई कमियां सामने आईं।

इससे संस्थान में भोजन तैयार करने और परोसने की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

हॉस्टल मेस में बड़ी संख्या में छात्रों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। ऐसे में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और साफ-सफाई का ध्यान रखना आवश्यक है।

भोजन तैयार करने के स्थान, उपयोग होने वाले बर्तनों और खाद्य पदार्थों के भंडारण में स्वच्छता मानकों का पालन महत्वपूर्ण होता है।

हालांकि, शनिवार को हुई जांच में किन व्यवस्थाओं में कमी पाई गई, इसकी पूरी सूची उपलब्ध नहीं है।

इसलिए किसी विशेष खाद्य पदार्थ या मेस की किसी निश्चित व्यवस्था को छात्रों के बीमार पड़ने का कारण बताना फिलहाल उचित नहीं होगा।

जुलाई में भी सामने आई थीं शिकायतें

MANIT में भोजन की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जुलाई में भी इसी तरह की शिकायतें मिली थीं।

अब कुछ महीनों बाद करीब 40 छात्रों के बीमार पड़ने की घटना ने पुरानी शिकायतों को फिर चर्चा में ला दिया है।

इससे यह सवाल उठ रहा है कि जुलाई में सामने आई शिकायतों के बाद भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुधारने के लिए क्या कदम उठाए गए थे।

हालांकि, पिछली जांच में क्या निष्कर्ष सामने आए थे और उस समय संस्थान प्रबंधन ने क्या कार्रवाई की थी, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

पिछली जांच के बाद कार्रवाई पर सवाल

जुलाई में सामने आई शिकायतों और शुक्रवार रात की नई घटना के बीच कुछ महीनों का अंतर है।

इसके बावजूद भोजन की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों का दोबारा सामने आना चिंता का विषय बना हुआ है।

इस घटना के बाद पहले हुई जांच के निष्कर्षों और उसके आधार पर की गई कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि, यह पुष्टि नहीं हुई है कि पिछली शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।

इस संबंध में संस्थान प्रबंधन और संबंधित विभाग की आधिकारिक जानकारी से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल शनिवार को हुई नई जांच में कमियां मिलने की जानकारी सामने आई है।

छात्रों के स्वास्थ्य और भोजन की सुरक्षा का मामला

शैक्षणिक संस्थानों के हॉस्टलों में रहने वाले छात्र भोजन के लिए मेस की व्यवस्था पर निर्भर रहते हैं।

ऐसे में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सीधे उनके स्वास्थ्य से जुड़ी होती है।

MANIT में करीब 40 छात्रों के बीमार पड़ने की घटना ने इसी विषय को प्रमुखता से सामने ला दिया है।

उल्टी और दस्त जैसे लक्षण दूषित भोजन या पानी सहित कई कारणों से हो सकते हैं।

इसलिए फूड पॉइजनिंग की आशंका की पुष्टि चिकित्सकीय जांच और अन्य संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही की जा सकती है।

फिलहाल छात्रों के बीमार पड़ने और मेस निरीक्षण में कमियां मिलने की जानकारी सामने आई है।

भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल

शुक्रवार रात हुई घटना के बाद संस्थान में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

छात्रों के बीमार पड़ने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने शिकायत के आधार पर मेस का निरीक्षण किया।

इस दौरान कई खामियां सामने आईं।

हालांकि, विभाग ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन कमियों का छात्रों के बीमार पड़ने से सीधा संबंध है या नहीं।

इसके अलावा मेस संचालक या संस्थान प्रबंधन के खिलाफ किसी कार्रवाई की पुष्टि भी उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।

जांच के निष्कर्षों का इंतजार

MANIT में करीब 40 छात्रों के बीमार पड़ने की घटना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।

शुक्रवार रात हॉस्टल नंबर 10 में भोजन करने के बाद छात्रों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई थी।

उन्हें फूड पॉइजनिंग की आशंका के चलते शारदा अस्पताल में भर्ती कराया गया।

शनिवार को शिकायत के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने सीडी ब्लॉक हॉस्टल मेस की जांच की और कई कमियां पाईं।

जुलाई में इसी तरह की शिकायतें सामने आने के बाद दोबारा हुई इस घटना ने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पिछली जांच के बाद उठाए गए कदमों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल छात्रों के बीमार पड़ने के वास्तविक कारण और जांच के आधार पर आगे होने वाली कार्रवाई की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

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