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भोपाल में 32 किमी लंबी तिरंगा यात्रा, CM ने जिप्सी में सवार होकर किया नेतृत्व

भोपाल। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल देशभक्ति के रंग में रंगी नजर आई। शहर में विशाल तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधायक रामेश्वर शर्मा ने जिप्सी में सवार होकर यात्रा का नेतृत्व किया। मुख्यमंत्री ने हाथ में तिरंगा लेकर देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
यह तिरंगा यात्रा भोपाल की सबसे लंबी यात्राओं में से एक मानी जा रही है। करीब 32 किलोमीटर लंबी इस यात्रा की शुरुआत कोलार क्षेत्र से हुई और यह संत हिरदाराम नगर होते हुए बैरागढ़ तक पहुंची। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पूरे मार्ग पर देशभक्ति का माहौल देखने को मिला।
तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर भारत माता के जयकारे लगाए। जैसे-जैसे यात्रा शहर के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरी, लोगों ने अपने घरों और सड़कों के किनारे खड़े होकर यात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर लोगों ने फूल बरसाकर और तिरंगा लहराकर यात्रा में शामिल लोगों का उत्साह बढ़ाया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यात्रा के दौरान लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश के गौरव, बलिदान और एकता का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी नागरिक राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं और देश की प्रगति में योगदान दें।
विधायक रामेश्वर शर्मा भी मुख्यमंत्री के साथ यात्रा में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य लोगों में देशभक्ति की भावना को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उन वीरों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दिया।
यात्रा में युवाओं, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने उत्साह के साथ भाग लिया। बड़ी संख्या में दोपहिया और चार पहिया वाहनों के साथ लोग यात्रा में शामिल हुए। पूरे मार्ग पर तिरंगे दिखाई दे रहे थे और देशभक्ति गीतों से वातावरण गूंज उठा।
प्रशासन की ओर से भी यात्रा को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
भोपाल में आयोजित इस विशाल तिरंगा यात्रा को स्वतंत्रता दिवस समारोहों की कड़ी में महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि इतनी लंबी दूरी तय करने वाली इस यात्रा का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को राष्ट्रीय पर्व से जोड़ना और देश के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना है।
यात्रा में शामिल लोगों ने कहा कि तिरंगा उनके लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के महत्व से जोड़ने का काम करते हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यात्रा के दौरान प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस को उत्साह और सम्मान के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों के योगदान को हमेशा याद रखना चाहिए।
32 किलोमीटर लंबी इस यात्रा ने भोपाल के कई प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ा। कोलार से शुरू हुई यात्रा जब संत हिरदाराम नगर और बैरागढ़ पहुंची तो जगह-जगह लोगों का समर्थन देखने को मिला। पूरे मार्ग में तिरंगे की शान और देशभक्ति का उत्साह नजर आया।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर निकली यह तिरंगा यात्रा राजधानी भोपाल में एक यादगार आयोजन बन गई। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने इसे खास बना दिया। मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने भी यात्रा को विशेष महत्व दिया।
इस आयोजन के जरिए एक बार फिर देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया गया। लोगों ने पूरे उत्साह के साथ तिरंगा थामकर स्वतंत्रता दिवस के जश्न की शुरुआत की।





