मध्य प्रदेश

रतलाम में पटवारी के बैंक खाते से बिना OTP और कॉल के 2.93 लाख गायब

Kavita2
10 May 2026 2:29 PM IST
रतलाम में पटवारी के बैंक खाते से बिना OTP और कॉल के 2.93 लाख गायब
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के Ratlam में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक पटवारी के बैंक खाते से तीन दिनों के भीतर बिना किसी फोन कॉल, OTP साझा किए या सीधे संपर्क के 2.93 लाख रुपये निकाल लिए गए। इस घटना ने बैंकिंग सुरक्षा और साइबर सिस्टम की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीड़ित की पहचान अशोक कुमार योगी के रूप में हुई है, जो कटजू नगर इलाके के निवासी हैं और पटवारी के पद पर कार्यरत हैं। जानकारी के अनुसार, उन्होंने मार्च महीने में अपने जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) खाते से करीब 5 लाख रुपये निकाले थे और यह राशि उन्होंने State Bank of India की कलेक्ट्रेट ब्रांच स्थित अपने खाते में जमा कर दी थी।

पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। 27 अप्रैल को खाते से 98,000 रुपये निकाले गए, 28 अप्रैल को 97,001 रुपये की दूसरी ट्रांजैक्शन हुई और 29 अप्रैल को तीन अलग-अलग लेनदेन के जरिए फिर से 98,000 रुपये निकाल लिए गए। इस तरह कुल मिलाकर 2.93 लाख रुपये खाते से गायब हो गए।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे दौरान पीड़ित को किसी भी प्रकार की संदिग्ध कॉल, OTP संदेश या बैंकिंग अलर्ट को लेकर सतर्क करने वाला कोई संकेत नहीं मिला। उन्हें इस ठगी का पता तब चला जब 30 अप्रैल को उन्होंने अपना बैंक बैलेंस चेक किया और खाते में बड़ी रकम गायब पाई।

घटना सामने आने के बाद अशोक कुमार योगी ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और स्थानीय पुलिस को भी सूचना दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP या अन्य संवेदनशील विवरण साझा नहीं किए थे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला साइबर ठगी के एक नए और जटिल तरीके की ओर इशारा करता है, जिसमें अपराधी सीधे पीड़ित से संपर्क किए बिना तकनीकी तरीके से बैंक खातों तक पहुंच बना लेते हैं। प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि किसी प्रकार की डिजिटल सेंधमारी या डेटा लीक के जरिए खाते की जानकारी हासिल की गई होगी।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बैंक से भी ट्रांजैक्शन डिटेल्स और तकनीकी रिकॉर्ड मांगे गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैसे किन खातों में ट्रांसफर किए गए। साइबर सेल की टीम यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों पर नियमित नजर रखें और किसी भी असामान्य गतिविधि की स्थिति में तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन को सूचित करें। साथ ही डिजिटल लेनदेन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह भी दी गई है।

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