मध्य प्रदेश

इंदौर में 15वें बाइबल सम्मेलन का समापन, फादर विनीत परेरा बोले- प्रेम के बिना परिवार अधूरा

Kavita2
21 Oct 2026 10:03 AM IST
इंदौर में 15वें बाइबल सम्मेलन का समापन, फादर विनीत परेरा बोले- प्रेम के बिना परिवार अधूरा
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इंदौर। इंदौर कैथोलिक धर्मप्रांत के 15वें तीन दिवसीय बाइबल सम्मेलन का तीसरा और अंतिम दिन आध्यात्मिक वातावरण में शुरू हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत 'होली रोज़री' यानी पवित्र माला प्रार्थना, स्तुति और आराधना के साथ की गई। इस अवसर पर मुख्य उपदेशक फादर विनीत परेरा ने परिवार में प्रेम, विश्वास और ईश्वर के महत्व पर विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईश्वर ही परिवार की नींव हैं और प्रेम के बिना किसी भी परिवार की कल्पना नहीं की जा सकती। अपने उपदेश में उन्होंने लोगों को परिवार के भीतर आपसी प्रेम और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा दी।

पवित्र माला प्रार्थना से हुई अंतिम दिन की शुरुआत

इंदौर कैथोलिक धर्मप्रांत की ओर से आयोजित 15वें बाइबल सम्मेलन के अंतिम दिन की शुरुआत धार्मिक प्रार्थनाओं के साथ हुई।

'होली रोज़री' अर्थात पवित्र माला प्रार्थना कैथोलिक परंपरा में विशेष महत्व रखती है। इसके माध्यम से श्रद्धालु प्रार्थना और मनन करते हैं।

सम्मेलन में स्तुति और आराधना को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया।

तीन दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर विशेष जोर दिया गया।

इस अवसर पर मुख्य उपदेशक फादर विनीत परेरा ने परिवार के महत्व को केंद्र में रखते हुए अपना संदेश दिया।

ईश्वर ही परिवार की नींव हैं: फादर विनीत परेरा

सम्मेलन को संबोधित करते हुए फादर विनीत परेरा ने कहा कि परिवार का आधार केवल सामाजिक संबंध नहीं, बल्कि प्रेम और ईश्वर में विश्वास भी है।

उन्होंने अपने उपदेश में कहा, "ईश्वर ही परिवार की नींव हैं।"

फादर परेरा ने आगे कहा कि ईश्वर ने ही परिवार की रचना की है और प्रेम के बिना कोई परिवार नहीं हो सकता।

उनका संदेश परिवार के भीतर आपसी संबंधों को मजबूत बनाने और एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील रहने पर केंद्रित रहा।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिवार में प्रेम का होना अत्यंत आवश्यक है।

उनके अनुसार, जिस परिवार में प्रेम होता है, वहां संबंधों को मजबूत बनाए रखने की भावना भी विकसित होती है।

प्रेम के बिना जीवन अधूरा

फादर विनीत परेरा ने अपने उपदेश में प्रेम को मानव जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया।

उन्होंने कहा, "यदि हमारे भीतर प्रेम नहीं है, तो हमारा कोई अस्तित्व नहीं है; और यदि हममें प्रेम नहीं है, तो हमें कुछ भी प्राप्त नहीं होता।"

उनके इस संदेश में प्रेम को केवल पारिवारिक संबंधों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि मानव जीवन के व्यापक आध्यात्मिक मूल्य के रूप में प्रस्तुत किया गया।

उन्होंने लोगों को यह समझाने का प्रयास किया कि प्रेम के बिना व्यक्ति के संबंधों में गहराई और आत्मीयता बनाए रखना कठिन हो सकता है।

परिवार के भीतर प्रेम की भावना से एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सहयोग और अपनापन बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है।

प्रेम से भरे हृदय में निवास करते हैं ईश्वर

फादर परेरा ने अपने उपदेश में ईश्वर और प्रेम के संबंध पर भी विशेष प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, "यदि हमारे दिलों में प्रेम नहीं है, तो ईश्वर भी हमारे दिलों में नहीं हैं। ईश्वर उस हृदय में निवास करते हैं जो प्रेम से भरा हो।"

उनका यह संदेश ईसाई आध्यात्मिक परंपरा में प्रेम के महत्व को दर्शाता है।

उन्होंने प्रेम को धार्मिक जीवन का एक आवश्यक मूल्य बताते हुए परिवार और समाज में इसे अपनाने पर जोर दिया।

उनके अनुसार, ईश्वर के प्रति आस्था का संबंध केवल प्रार्थना से नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यवहार और दूसरों के प्रति उसके प्रेम से भी जुड़ा है।

परिवार में आपसी विश्वास और सम्मान जरूरी

सम्मेलन में दिए गए संदेश का प्रमुख विषय परिवार के भीतर प्रेम की भावना को बनाए रखना था।

किसी भी परिवार में अलग-अलग विचार और परिस्थितियां हो सकती हैं। ऐसे में आपसी विश्वास, संवाद और सम्मान संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

फादर विनीत परेरा के उपदेश को इसी संदर्भ में देखा जा सकता है।

उन्होंने परिवार की नींव के रूप में ईश्वर का उल्लेख करते हुए प्रेम को उसके अस्तित्व के लिए आवश्यक बताया।

यह संदेश परिवार के सदस्यों को एक-दूसरे की भावनाओं को समझने और रिश्तों में आत्मीयता बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

बाइबल सम्मेलन का आध्यात्मिक महत्व

बाइबल सम्मेलन ईसाई समुदाय के लिए धार्मिक शिक्षाओं और आध्यात्मिक चिंतन का एक महत्वपूर्ण अवसर होता है।

ऐसे आयोजनों में बाइबल के संदेशों, प्रार्थना और धार्मिक जीवन से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाती है।

इंदौर कैथोलिक धर्मप्रांत का यह 15वां सम्मेलन भी इसी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है।

तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन परिवार में प्रेम के महत्व पर दिया गया उपदेश विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।

हालांकि, सम्मेलन के पहले दो दिनों के कार्यक्रमों और अन्य वक्ताओं के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

होली रोज़री का विशेष स्थान

कैथोलिक परंपरा में 'होली रोज़री' यानी पवित्र माला प्रार्थना का विशेष धार्मिक महत्व है।

इस प्रार्थना के दौरान श्रद्धालु यीशु मसीह और माता मरियम के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों पर मनन करते हैं।

पवित्र माला प्रार्थना को व्यक्तिगत और सामूहिक आध्यात्मिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

सम्मेलन के अंतिम दिन की शुरुआत इसी प्रार्थना से होना आयोजन के धार्मिक स्वरूप को दर्शाता है।

इसके बाद स्तुति और आराधना के माध्यम से ईश्वर के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई।

समाज के लिए भी महत्वपूर्ण है प्रेम का संदेश

फादर विनीत परेरा ने अपने उपदेश में परिवार के भीतर प्रेम को प्राथमिकता दी, लेकिन उनका संदेश सामाजिक जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

प्रेम, सहानुभूति और सम्मान ऐसे मूल्य हैं, जो पारिवारिक संबंधों के साथ समाज में भी सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद करते हैं।

जब परिवार के सदस्य एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील रहते हैं, तो आपसी मतभेदों को संवाद के माध्यम से सुलझाने की संभावना बढ़ती है।

धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों में ऐसे मूल्यों पर चर्चा लोगों को अपने व्यवहार और संबंधों पर विचार करने का अवसर देती है।

नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणादायक संदेश

परिवार में प्रेम और विश्वास के महत्व पर दिया गया संदेश युवा पीढ़ी के लिए भी उपयोगी है।

बदलती जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या के बीच परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताना और आपसी संवाद बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है।

फादर परेरा के उपदेश में प्रेम को जीवन का आधार बताकर रिश्तों की अहमियत समझाने का प्रयास किया गया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रेम के बिना परिवार का वास्तविक अर्थ अधूरा रह जाता है।

उनके संदेश में ईश्वर के प्रति आस्था और परिवार के प्रति जिम्मेदारी को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ बताया गया।

प्रेम और आस्था के संदेश के साथ अंतिम दिन का आयोजन

इंदौर कैथोलिक धर्मप्रांत के 15वें तीन दिवसीय बाइबल सम्मेलन के अंतिम दिन प्रार्थना, स्तुति और आराधना के साथ आध्यात्मिक संदेश दिया गया।

मुख्य उपदेशक फादर विनीत परेरा ने परिवार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ईश्वर ही परिवार की नींव हैं।

उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि प्रेम के बिना परिवार और मानवीय संबंधों की वास्तविक भावना अधूरी रह जाती है।

फादर परेरा का संदेश था कि जिस हृदय में प्रेम होता है, वहीं ईश्वर का निवास होता है। सम्मेलन के अंतिम दिन दिया गया यह उपदेश परिवार में प्रेम, विश्वास, सम्मान और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।

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