मध्य प्रदेश

स्कूल में खेलते समय 11 वर्षीय बच्ची की हार्ट अटैक से मौत

SHIDDHANT
11 Sept 2025 11:59 PM IST
सांकेतिक तस्वीर (AI)
x
INDORE इंदौर: जिले के बेटमा क्षेत्र में बुधवार को एक दुखद घटना घटी, जिसमें 11 वर्षीय नक्षिता पटेल नाम की छात्रा की स्कूल में हार्ट अटैक से मौत हो गई। घटना बेटमा के माचल गांव स्थित स्कूल के ग्राउंड में हुई। नक्षिता 6वीं कक्षा की छात्रा थी और लंच के बाद अपने सहपाठियों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। स्कूल स्टाफ ने तुरंत नक्षिता के परिजनों को सूचना दी और उसे तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने बच्ची की हालत गंभीर देख उसे इंदौर रेफर कर दिया। इंदौर के अस्पताल में डॉक्टरों ने नक्षिता को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक की पुष्टि की गई। स्कूल के प्रिंसिपल और खेल शिक्षक ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और बच्ची के परिवार के सदस्यों को स्थिति की जानकारी दी। स्कूल के स्टाफ और छात्र समुदाय में इस घटना से गहरा शोक व्याप्त हो गया। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने भी घटना की जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। बच्ची के माता-पिता, परिवारजन और गांव के लोग इस अचानक हादसे से स्तब्ध हैं। नक्षिता के परिवार का कहना है कि वह हमेशा उत्साही और मिलनसार बच्ची थी। उसकी अचानक मौत ने पूरे गांव और स्कूल परिसर में मातम का माहौल बना दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में अचानक हार्ट अटैक बहुत ही दुर्लभ होता है, लेकिन इसके पीछे जन्मजात हृदय रोग या अन्य गंभीर स्वास्थ्य कारण हो सकते हैं। प्रशासन ने स्कूलों में स्वास्थ्य जांच और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का आश्वासन दिया है। यह घटना शिक्षा और बाल सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है। स्कूलों में खेलकूद के दौरान बच्चों की निगरानी और स्वास्थ्य सुविधा की उपलब्धता पर ध्यान देना अब और जरूरी हो गया है। प्रशासन ने स्कूलों में इमरजेंसी मेडिकल किट और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इस दुखद घटना ने बेटमा जिले और आसपास के क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है। स्कूल प्रशासन ने आगामी दिनों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, बच्चों के खेल के समय प्रशिक्षित स्टाफ की मौजूदगी और आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। नक्षिता की मौत से स्कूल और परिवार के लोगों में शोक की लहर है। परिजन, शिक्षक और साथी छात्र उसकी याद में मौन धारण किए हुए हैं। परिवार के लोग प्रशासन और चिकित्सा विशेषज्ञों से आग्रह कर रहे हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए स्कूलों में स्वास्थ्य और सुरक्षा की व्यवस्था और मजबूत की जाए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में स्कूलों और बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की निगरानी के लिए विशेष कदम उठाने की योजना बनाई है।
Next Story