
कोझिकोड : युवा लेखक एम. ए. इक़बाल की दूसरी पुस्तक ‘द बिगिनर’ (The Beginner) का विमोचन किया गया। यह किताब उनके चर्चित मलयालम यात्रा-वृत्तांत ‘द क्यूरियस वर्ल्ड ऑफ़ द बिगिनर’ (The Curious World of the Beginner) का अंग्रेज़ी अनुवाद है। पुस्तक का उद्देश्य मलयालम भाषा के पाठकों से आगे बढ़कर देश-दुनिया के अधिक से अधिक पाठकों तक इस यात्रा-वृत्तांत को पहुंचाना है।
‘द क्यूरियस वर्ल्ड ऑफ़ द बिगिनर’ को पाठकों के बीच अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। इस किताब के अब तक छह संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं। अपनी अनोखी लेखन शैली और यात्रा के अनुभवों को रोचक तरीके से प्रस्तुत करने के कारण यह पुस्तक पाठकों का ध्यान आकर्षित करने में सफल रही है।
नई अंग्रेज़ी पुस्तक ‘द बिगिनर’ का अनुवाद रहीस मंजेस्वरम ने किया है। अनुवाद के माध्यम से लेखक की मूल भावनाओं, अनुभवों और यात्रा के दौरान सामने आए विभिन्न पहलुओं को अंग्रेज़ी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
पुस्तक का आधिकारिक विमोचन 26 जुलाई को कोझिकोड स्टूडेंट हाउस के वीबी हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस अवसर पर थालिककुलम इस्लामिया कॉलेज के स्कॉलर और H.O.T. बेसिल के.पी. मंबाड ने पुस्तक का विमोचन किया।
कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों, लेखकों और पाठकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान वक्ताओं ने एम. ए. इक़बाल के लेखन और यात्रा साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्रीय भाषा की महत्वपूर्ण रचना का दूसरी भाषा में अनुवाद होना साहित्य को व्यापक मंच प्रदान करता है।
‘द बिगिनर’ केवल एक यात्रा-वृत्तांत नहीं है, बल्कि यह लेखक के अनुभवों, जिज्ञासा और दुनिया को देखने के नजरिए को भी प्रस्तुत करती है। किताब में यात्रा के दौरान मिलने वाले लोगों, स्थानों और परिस्थितियों को संवेदनशील तरीके से दर्ज किया गया है।
एम. ए. इक़बाल ने अपनी लेखन यात्रा में कम उम्र में ही अलग पहचान बनाई है। उनकी पहली किताब को मिली सफलता के बाद दूसरी पुस्तक के रूप में ‘द बिगिनर’ का आना उनके साहित्यिक सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
लेखक की पहली पुस्तक ‘द क्यूरियस वर्ल्ड ऑफ़ द बिगिनर’ को मिली लोकप्रियता ने ही इसके अंग्रेज़ी अनुवाद की जरूरत को सामने रखा। प्रकाशन से जुड़े लोगों का कहना है कि अनुवाद के बाद यह किताब उन पाठकों तक भी पहुंच सकेगी, जो मलयालम भाषा नहीं पढ़ते लेकिन यात्रा साहित्य में रुचि रखते हैं।
कार्यक्रम में अनुवादक रहीस मंजेस्वरम के प्रयासों की भी चर्चा हुई। अनुवाद किसी भी साहित्यिक कृति को नए पाठक वर्ग तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम होता है। ‘द बिगिनर’ के जरिए मलयालम साहित्य की एक चर्चित कृति को अंग्रेज़ी पाठकों के लिए उपलब्ध कराया गया है।
साहित्य जगत में क्षेत्रीय भाषाओं की पुस्तकों के अनुवाद का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इससे स्थानीय अनुभवों और कहानियों को व्यापक स्तर पर पहचान मिलती है। ‘द बिगिनर’ भी इसी दिशा में एक प्रयास है, जो एक भाषा की रचना को दूसरी भाषा के पाठकों तक पहुंचाने का काम करेगी।
पुस्तक के विमोचन के मौके पर उपस्थित लोगों ने उम्मीद जताई कि ‘द बिगिनर’ को भी पाठकों से वैसी ही सराहना मिलेगी जैसी इसके मलयालम संस्करण को मिली थी। लेखक और अनुवादक दोनों के लिए यह पुस्तक नई संभावनाओं का रास्ता खोल सकती है।
एम. ए. इक़बाल की यह नई किताब अब अंग्रेज़ी पाठकों के लिए उपलब्ध है और साहित्य प्रेमियों के बीच इसके प्रति उत्सुकता देखी जा रही है।





