केरल

हार्ट सर्जरी के दौरान महिला की मौत मेडिकल कॉलेज में DYFI का प्रदर्शन

Ratna Netam
7 Oct 2026 2:09 PM IST
हार्ट सर्जरी के दौरान महिला की मौत मेडिकल कॉलेज में DYFI का प्रदर्शन
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परियारम। परियारम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में हार्ट सर्जरी के दौरान एक महिला की मौत के मामले को लेकर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के कार्यकर्ताओं ने मेडिकल कॉलेज के सुपरिटेंडेंट कार्यालय तक मार्च निकालते हुए अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने महिला की मौत के मामले में कथित मेडिकल लापरवाही के आरोपों की जांच करने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
यह विरोध प्रदर्शन मृत महिला के परिवार की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद किया गया। परिवार का दावा है कि महिला के इलाज के दौरान पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई और उसकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर उन्हें समय पर स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन और उपचार से जुड़े लोगों की ओर से स्थिति की गंभीरता के बारे में सही समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे परिवार को कई सवालों का सामना करना पड़ रहा है।
महिला की मौत की घटना सामने आने के बाद मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी बढ़ गई। बुधवार को DYFI कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज परिसर के पास एकत्र हुए और सुपरिटेंडेंट कार्यालय की ओर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में इलाज की व्यवस्था, मरीजों के परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया और कथित लापरवाही के मामले में जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए।
DYFI कार्यकर्ताओं का कहना था कि किसी भी मरीज के इलाज के दौरान अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि उसके परिवार को समय-समय पर मरीज की स्थिति के बारे में जानकारी दी जाए। खासकर गंभीर ऑपरेशन या हार्ट सर्जरी जैसी स्थिति में मरीज के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण बदलावों की सूचना परिजनों को समय पर मिलनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस मामले में परिवार ने सूचना देने में देरी की शिकायत की है, इसलिए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष तरीके से जांच की जानी चाहिए।
मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने मांग की कि महिला के इलाज से जुड़े सभी तथ्यों की समीक्षा की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रशासन से इस मामले में पारदर्शिता बरतने और मृत महिला के परिवार को पूरे घटनाक्रम की जानकारी उपलब्ध कराने की भी मांग की।
परिवार का आरोप है कि महिला को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था और हार्ट सर्जरी की प्रक्रिया के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने उपचार की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें मरीज की बिगड़ती स्थिति के बारे में समय पर जानकारी नहीं दी गई। परिवार के इन आरोपों के बाद मामला चर्चा में आ गया और DYFI ने इसे लेकर विरोध प्रदर्शन का फैसला किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेज और बड़े अस्पतालों पर आम लोगों का भरोसा होता है। दूर-दराज के इलाकों से भी मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद में यहां पहुंचते हैं। ऐसे में गंभीर इलाज के दौरान किसी मरीज की मौत होती है और उसके परिवार की ओर से लापरवाही के आरोप लगाए जाते हैं, तो प्रशासन को मामले के सभी पहलुओं की स्पष्ट जांच करानी चाहिए।
DYFI कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन से यह भी मांग की कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवाद की व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उनका कहना था कि इलाज के दौरान डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन की ओर से परिवार के सदस्यों को मरीज की स्थिति की नियमित जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि किसी तरह की गलतफहमी या असमंजस की स्थिति पैदा न हो।
प्रदर्शन के कारण मेडिकल कॉलेज परिसर में कुछ समय तक माहौल गर्म रहा। कार्यकर्ता सुपरिटेंडेंट कार्यालय तक पहुंचे और महिला की मौत के मामले को गंभीरता से लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवार की शिकायतों और आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और इस बात की जांच होनी चाहिए कि इलाज के दौरान तय चिकित्सा प्रक्रियाओं और सूचना व्यवस्था का पालन किया गया था या नहीं।
फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा सवाल महिला की मौत की परिस्थितियों और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर है। परिवार का दावा है कि इलाज में कथित लापरवाही और समय पर जानकारी नहीं मिलने के कारण उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। दूसरी ओर, DYFI ने इस मुद्दे को उठाते हुए अस्पताल प्रशासन से स्पष्ट जवाब और जांच की मांग की है।
महिला की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद अब अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी और मरीजों के अधिकारों से जुड़े सवालों तक पहुंच गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के जरिए ही यह साफ हो सकेगा कि इलाज के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और परिवार की ओर से लगाए गए लापरवाही के आरोपों में कितनी सच्चाई है। DYFI ने मामले में पारदर्शी कार्रवाई और परिवार को न्याय दिलाने की मांग दोहराई है।
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