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Kerala की वित्तीय स्थिति पर व्हाइट पेपर: बढ़ते कर्ज और खर्च को लेकर गंभीर संकेत

Kavita2
4 Jun 2026 2:54 PM IST
Kerala की वित्तीय स्थिति पर व्हाइट पेपर: बढ़ते कर्ज और खर्च को लेकर गंभीर संकेत
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Kerala केरल: केरल की वित्तीय स्थिति को लेकर जारी एक व्हाइट पेपर में राज्य की आर्थिक हालत को चिंताजनक बताया गया है। यह रिपोर्ट कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार द्वारा तैयार की गई है, जिसे मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने गुरुवार को विधानसभा में पेश किया।

‘केरल की फिस्कल हेल्थ: एक स्टेटस रिपोर्ट’ नाम की इस रिपोर्ट में राज्य की वित्तीय स्थिति, राजस्व संरचना और खर्च के पैटर्न का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य का कमिटेड खर्च उसकी कुल राजस्व प्राप्तियों का 77 प्रतिशत है, जबकि ब्याज भुगतान अकेले 20.9 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह स्थिति राज्य के बजट पर भारी दबाव को दर्शाती है।

रिपोर्ट के अनुसार, केरल का पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) उसके सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का केवल 1.3 प्रतिशत है, जो देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम स्तर पर है। यह संकेत देता है कि राज्य में विकासात्मक परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे पर अपेक्षाकृत कम खर्च हो रहा है।

व्हाइट पेपर में यह भी बताया गया है कि राज्य पर कुल बकाया देनदारियां लगभग 5.07 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी हैं, जो GSDP का 35.5 प्रतिशत है। यह आंकड़ा राज्य की वित्तीय स्थिरता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

रिपोर्ट में वित्तीय दबाव को कम करने के लिए कई सुझाव भी दिए गए हैं। इनमें सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु को 60 वर्ष तक बढ़ाने जैसे कदम शामिल हैं, जिससे पेंशन और वेतन संबंधी खर्चों पर दीर्घकालिक नियंत्रण पाया जा सके। इसके अलावा, राजस्व वृद्धि और खर्च में अनुशासन लाने के उपायों पर भी जोर दिया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में विकास योजनाओं और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बढ़ता कर्ज और ब्याज भुगतान राज्य की वित्तीय क्षमता को लगातार कमजोर कर रहा है।

विधानसभा में पेश इस रिपोर्ट के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने राज्य की वित्तीय प्रबंधन नीतियों पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि यह रिपोर्ट स्थिति को पारदर्शी तरीके से सामने लाने के लिए तैयार की गई है।

इस प्रकार, केरल की वित्तीय स्थिति पर जारी व्हाइट पेपर ने राज्य की आर्थिक चुनौतियों को उजागर किया है और आने वाले समय में नीतिगत सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया है।

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