
Kerala केरल: केरल के वायनाड जिले में आबकारी विभाग द्वारा चलाए जा रहे राज्यव्यापी ऑपरेशन थंडर के तहत एक बड़े गांजा पौधे की बरामदगी हुई है। वायनाड आबकारी प्रवर्तन एवं एंटी-नारकोटिक्स विशेष दस्ते ने अंबालावायल क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान लगभग 360 सेंटीमीटर लंबा और 60 शाखाओं वाला गांजा का पौधा पाया। यह पौधा सुल्तान बाथेरी तालुक के अंबालावायल गांव में कुट्टिकैथा-पुथुक्कड़-मंझप्पारा मार्ग पर, पाथ्रोस के बेटे रेजी टी.पी. के यार्ड में उगा हुआ था।
आबकारी विभाग को इस मामले की जानकारी एक गोपनीय स्रोत से मिली थी। सूचना के आधार पर आबकारी निरीक्षक सजिन एम.जे. के नेतृत्व में एक टीम मौके पर गई और गहन जांच के बाद पौधे की पुष्टि की। टीम ने स्थानीय लोगों और यार्ड का निरीक्षण किया और पाया कि यह पौधा कई शाखाओं वाला और अच्छी तरह से विकसित था।
पुलिस ने मौके पर रेजी टी.पी. को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह गांजा का नियमित उपयोग करता था और अपने इस्तेमाल किए गए गांजे से प्राप्त बीजों को अंकुरित करके यार्ड में उगाता था। रेजी ने यह भी कहा कि पौधा केवल व्यक्तिगत उपयोग के लिए उगाया गया था, लेकिन इस तरह का अवैध कार्य आबकारी और नारकोटिक्स कानून के तहत अपराध है।
आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन थंडर के तहत ऐसे मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है। विभाग का उद्देश्य राज्य में अवैध मादक पदार्थों की खेती और वितरण को रोकना है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि अवैध नशीले पौधों की खेती और बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेष दस्ते के अधिकारी सजिन एम.जे. ने बताया कि टीम ने मौके पर बरामदगी के बाद पौधे को सुरक्षित किया और आगे की जांच के लिए संबंधित दस्तावेज तैयार किए। आरोपी रेजी के खिलाफ आबकारी और नारकोटिक्स कानून के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
वायनाड जिले में ऑपरेशन थंडर का यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि विभाग राज्य में अवैध मादक पदार्थों पर पूरी तरह नियंत्रण रखना चाहता है। अधिकारीयों ने स्थानीय जनता से अपील की है कि वे ऐसी गतिविधियों की जानकारी तुरंत आबकारी विभाग या पुलिस को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि आबकारी विभाग और एंटी-नारकोटिक्स टीम अवैध खेती और नशीले पदार्थों की तस्करी पर नज़र बनाए हुए हैं। टीम ने बताया कि इस साल अब तक ऑपरेशन थंडर के तहत कई बार अवैध गांजा और अन्य मादक पदार्थों के मामले सामने आए हैं और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अब आगे की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि रेजी के द्वारा उगाए गए गांजा का वितरण किसी और जगह पर किया गया या नहीं। इस कार्रवाई से राज्य में अवैध मादक पदार्थों पर नियंत्रण के प्रयास और मजबूत होंगे।





