
दलावाकुलम। भारी बारिश के दौरान जलभराव और धारा के ओवरफ्लो की समस्या से जूझ रहे इलाके के लोगों को राहत मिली है। बदलावाकुलम से विजया थिएटर रोड तक K.V. नहर से जुड़ने वाली पेरिनचिला धारा की सफाई का काम पूरा कर लिया गया है। लंबे समय से धारा में गाद और काई जमा होने के कारण पानी का प्रवाह प्रभावित हो रहा था। बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ने पर पानी दोनों किनारों से बाहर निकलने लगा था, जिससे आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरा पैदा हो गया था।
स्थिति को देखते हुए नगर परिषद सदस्यों डी. रंजीत कुमार और एम.के. महेश कुमार के नेतृत्व में धारा की सफाई का अभियान चलाया गया। इस दौरान धारा में गिरे पेड़ों, जमा काई और अन्य अवरोधों को हटाया गया। सफाई के बाद पानी का बहाव पहले की तुलना में सुचारू हो गया है और क्षेत्र में जलभराव की समस्या कम हुई है।
गाद और काई के कारण बाधित था पानी का बहाव
पेरिनचिला धारा K.V. नहर से जुड़ी हुई है और इलाके में जलनिकासी के लिहाज से इसका महत्वपूर्ण स्थान है। समय के साथ धारा में बड़ी मात्रा में गाद और काई जमा हो गई थी। इसके अलावा कई स्थानों पर पेड़ गिरने से पानी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा पैदा हो गई थी।
सामान्य दिनों में इसका असर ज्यादा दिखाई नहीं देता था, लेकिन भारी बारिश के दौरान जब आसपास से बड़ी मात्रा में पानी धारा में पहुंचता था तो निकासी पर्याप्त तेजी से नहीं हो पाती थी। इससे धारा का जलस्तर बढ़ जाता था और पानी दोनों किनारों से बाहर निकलने लगता था।
बारिश के दौरान बढ़ जाता था खतरा
भारी बारिश के समय धारा के ओवरफ्लो होने से आसपास के घरों और सड़कों पर जलभराव का खतरा बढ़ गया था। स्थानीय निवासियों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण बनी हुई थी।
लोगों का कहना था कि धारा में अवरोध बने रहने से बारिश का पानी समय पर आगे नहीं बढ़ पाता था। जलस्तर बढ़ने के कारण किनारों के आसपास रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहना पड़ता था।
बारिश के मौसम में जलभराव से सड़क पर आवाजाही प्रभावित होने के साथ घरों और दुकानों में पानी घुसने की आशंका भी बनी रहती थी।
पेड़ों और काई को हटाया गया
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद सदस्यों डी. रंजीत कुमार और एम.के. महेश कुमार के नेतृत्व में सफाई अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान धारा में गिरे पेड़ों को हटाया गया और लंबे समय से जमा काई को भी साफ किया गया।
इसके अलावा पानी के रास्ते में जमा अन्य अवरोधों को भी हटाया गया, जिससे धारा का प्राकृतिक प्रवाह बहाल हो सके। सफाई के बाद पानी तेजी से आगे बढ़ने लगा।
जलनिकासी व्यवस्था को मिली मजबूती
पेरिनचिला धारा की सफाई से स्थानीय जलनिकासी व्यवस्था को मजबूती मिली है। धारा में पानी के बहाव के लिए पर्याप्त जगह बनने से बारिश के दौरान जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना कम हुई है।
स्थानीय लोगों के लिए यह राहत की बात है कि पानी का प्रवाह अब बाधित नहीं हो रहा है। हालांकि, बारिश के मौसम में धारा की नियमित निगरानी और समय-समय पर सफाई की जरूरत बनी रहेगी।
स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस
सफाई अभियान के बाद आसपास रहने वाले लोगों ने राहत व्यक्त की। उनका कहना है कि धारा में जमा काई और पेड़ों के कारण पानी का बहाव काफी प्रभावित था। बारिश के दौरान धारा का पानी किनारों से बाहर आने की स्थिति में पहुंच जाता था।
अब सफाई के बाद पानी के सुचारू रूप से बहने से जलभराव की आशंका कम हुई है। लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में भी धारा की नियमित सफाई की जाएगी, ताकि बारिश के मौसम में समस्या दोबारा न खड़ी हो।
स्थायी समाधान के लिए नियमित सफाई जरूरी
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि केवल एक बार सफाई करने के बजाय धारा की नियमित निगरानी की जाए। बारिश से पहले नालों और जलधाराओं की सफाई होने से जलभराव की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।
पेरिनचिला धारा में दोबारा गाद और काई जमा होने या पेड़ों के गिरने की स्थिति में समय रहते उन्हें हटाना जरूरी होगा। इससे धारा की जलनिकासी क्षमता बनी रहेगी और आसपास के लोगों को खतरे से बचाया जा सकेगा।
भारी बारिश के समय बढ़ जाती है जिम्मेदारी
बारिश के दौरान शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में प्राकृतिक जलधाराओं और नहरों का साफ रहना बेहद जरूरी होता है। यदि इनके रास्ते में अवरोध हों तो पानी का बहाव रुक जाता है और कुछ ही समय में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
पेरिनचिला धारा की सफाई ने यह भी दिखाया है कि स्थानीय स्तर पर समय पर हस्तक्षेप कर जलभराव जैसी समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। नगर परिषद सदस्यों के नेतृत्व में हुए इस अभियान से फिलहाल इलाके के लोगों को राहत मिली है।
अब जरूरत इस बात की है कि धारा और उससे जुड़ी जलनिकासी व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए, ताकि आगामी बारिश के दौरान पानी के ओवरफ्लो और जलभराव का खतरा दोबारा न बढ़े।





