
Kerala केरल: स्वास्थ्य विभाग जहां एक ओर पूरे देश में प्री-मॉनसून सफाई और स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों को बढ़ावा देने में सक्रिय है, वहीं दूसरी ओर केरल के वडक्कनचेरी जिला अस्पताल में गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। अस्पताल परिसर से जुड़ी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक उदासीनता की शिकायत की है।
मामले के अनुसार, वडक्कनचेरी जिला अस्पताल (Wadakkanchery District Hospital) के अधिकारियों पर आरोप है कि अस्पताल का सीवेज सीधे स्टेट हाईवे पर छोड़ा जा रहा है। इस कारण सड़क पर गंदा और बदबूदार पानी फैल रहा है, जिससे आसपास के लोगों, मरीजों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। अस्पताल की नई बिल्डिंग के सामने से गुजरने वाले स्टेट हाईवे पर लगातार सीवेज बहने से सड़क पर फिसलन और गंदगी बढ़ गई है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
सबसे गंभीर बात यह है कि यह क्षेत्र मच्छरों के पनपने का केंद्र बनता जा रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
आसपास रहने वाले लोगों और सड़क से गुजरने वाले यात्रियों ने बताया कि बदबूदार पानी के कारण वहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। पैदल चलने वालों और ऑटो चालकों को भी रोजाना इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल जैसे जिम्मेदार संस्थान से ऐसी लापरवाही की उम्मीद नहीं की जाती। जहां एक ओर स्वास्थ्य विभाग लोगों को साफ-सफाई और स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहा है, वहीं दूसरी ओर खुद उसके संस्थान में यह स्थिति चिंताजनक है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है और सीवेज व्यवस्था को ठीक करने की अपील की है। उनका कहना है कि इस समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
फिलहाल इस मामले पर अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, बढ़ते जनदबाव और शिकायतों के बाद उम्मीद की जा रही है कि संबंधित विभाग जल्द ही इस पर कार्रवाई करेगा।
यह घटना एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बुनियादी ढांचे और रखरखाव की स्थिति पर सवाल खड़े करती है, जहां स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता है।





