
Kerala केरल: वेल्लतंजूर पंचायत के अंतर्गत आने वाले वेल्लतंजूर चेरुकुन्नू शेड्यूल्ड कास्ट नगर में रहने वाले कई परिवारों के सामने भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार इलाके में हाल के दिनों में की गई बड़ी खुदाई के बाद जमीन की स्थिति कमजोर होती जा रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल है।
ग्रामीणों ने बताया कि ऊंचाई वाले हिस्से में मोबाइल फोन टावर लगाने के लिए एक बड़ा गड्ढा खोदा गया है। यह गड्ढा काफी गहरा होने के कारण आसपास की मिट्टी ढीली हो गई है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है क्योंकि पानी के कारण मिट्टी के खिसकने का खतरा बढ़ जाता है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो बड़ा हादसा हो सकता है।
इसी इलाके में पीने के पानी की दो बड़ी टंकियां भी मौजूद हैं, जो अब खतरे की स्थिति में बताई जा रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर भूस्खलन या मिट्टी धंसने की घटना होती है तो इन टंकियों को भी नुकसान पहुंच सकता है, जिससे पूरे मोहल्ले में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
स्थानीय वार्ड मेंबर की अगुवाई में लोगों ने इस मुद्दे पर विरोध शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना सही जांच और सुरक्षा उपायों के बड़े पैमाने पर खुदाई की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इलाके का तुरंत तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और खतरे को देखते हुए निर्माण कार्य को रोका जाए।
लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। गहरे गड्ढे और ढलान वाले क्षेत्र में बिना मजबूत सहारे के काम होने से जमीन अस्थिर हो रही है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि भविष्य में इस तरह के निर्माण कार्यों से पहले भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण अनिवार्य किया जाए।
गांव के कई परिवारों ने चिंता जताई है कि अगर स्थिति इसी तरह बनी रही तो उन्हें अपने घर छोड़ने की नौबत आ सकती है। खासकर बारिश के मौसम में मिट्टी के धंसने और पानी भरने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
फिलहाल स्थानीय स्तर पर विरोध तेज हो गया है और लोग निर्माण कार्य को तुरंत रोकने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है, लेकिन ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द सुरक्षा जांच कराई जाए और जोखिम वाले क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किया जाए।





