केरल

उत्तराखंड बनेगा खेलभूमि सीएम धामी का ऐलान

Kavita2
29 Aug 2026 4:00 PM IST
उत्तराखंड बनेगा खेलभूमि सीएम धामी का ऐलान
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हल्द्वानी। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य को खेल के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब केवल देवभूमि और वीरभूमि के रूप में ही नहीं, बल्कि ‘खेलभूमि’ के रूप में भी अपनी पहचान बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर खेल शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े, इसके लिए उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है।

क्रीड़ा विश्वविद्यालय बनेगा खिलाड़ियों की नई नर्सरी

शनिवार को गौलापार में राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों के शिलान्यास और प्रथम शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने यह बातें कहीं।

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने का प्रमुख केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें सही मंच, आधुनिक प्रशिक्षण और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने की है।

खिलाड़ियों को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता खेल प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देना है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और बेहतर खेल सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के माध्यम से खेल शिक्षा और प्रशिक्षण को एक नई दिशा देने की योजना बनाई जा रही है।

उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां खेलों के लिए अनुकूल

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां और यहां के युवाओं की ऊर्जा खेलों के लिए बेहद अनुकूल हैं।

पहाड़ी क्षेत्रों से निकलने वाली प्रतिभाओं में मेहनत और अनुशासन की क्षमता होती है। यदि उन्हें सही अवसर मिलें तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के युवा खेलों के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करें।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया।

उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों का सम्मान करना और उन्हें प्रोत्साहित करना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

इसके तहत खेल मैदानों का विकास, प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार और खिलाड़ियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं।

युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर

राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के शुरू होने से युवाओं के लिए खेल के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे।

यहां खिलाड़ी प्रशिक्षण के साथ-साथ खेल विज्ञान, फिटनेस और अन्य संबंधित क्षेत्रों में भी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

सरकार का उद्देश्य है कि उत्तराखंड के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

खेलों में उत्तराखंड की नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में प्रतिभाओं की भरमार है। अब जरूरत है कि उन्हें सही दिशा और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय देश के प्रमुख खेल संस्थानों में शामिल होगा।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आने वाले वर्षों में खेल प्रतिभाओं की नई पौध तैयार करेगा और देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाएगा।

सरकार का लक्ष्य खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व विकास और अनुशासन निर्माण का भी महत्वपूर्ण साधन है।

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री का यह संदेश राज्य में खेलों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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