
Kerala केरल: केरल में विधानसभा चुनाव परिणामों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है। UDF की लहर ने न सिर्फ लेफ्ट के कई मजबूत गढ़ों को झटका दिया है, बल्कि पूरे जिले में राजनीतिक समीकरण भी बदल दिए हैं। कुल 14 सीटों में से लेफ्ट फ्रंट (LDF) को बड़ा नुकसान हुआ है, जबकि UDF और BJP दोनों ने महत्वपूर्ण बढ़त दर्ज की है।
जानकारी के अनुसार, LDF ने इस बार कई सीटों पर अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन परिणाम इसके उलट रहे। जिले की 14 में से नौ सीटों पर LDF को हार का सामना करना पड़ा। पिछले चुनाव में जहां LDF के पास 13 में से 13 सीटें थीं, इस बार वह आठ सीटें गंवा बैठी है।
वहीं UDF ने इस चुनाव में मजबूत प्रदर्शन करते हुए छह सीटों पर जीत दर्ज की है। इनमें कोवलम सहित कई महत्वपूर्ण सीटें शामिल हैं। UDF की यह बढ़त शुरुआती रुझानों से ही दिखाई देने लगी थी, जब सुबह 8 बजे पोस्टल वोटों की गिनती शुरू हुई और गठबंधन ने बढ़त बना ली थी। इसके बाद ईवीएम की गिनती के हर राउंड के साथ मुकाबला और रोमांचक होता गया।
कई सीटों पर बढ़त लगातार बदलती रही, जिससे चुनावी माहौल काफी तनावपूर्ण और रोमांचक बना रहा। LDF खेमे के लिए यह नतीजे निराशाजनक रहे, क्योंकि कई सीटों पर उनकी पकड़ कमजोर पड़ती दिखी।
हालांकि कुछ सीटों पर लेफ्ट ने कड़ी टक्कर दी। वर्कला सीट पर CPM के वी. जॉय ने कांग्रेस उम्मीदवार से कड़ा मुकाबला करते हुए 2050 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। पूरे मतगणना के दौरान वर्कला सीट पर बढ़त बार-बार बदलती रही, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक बन गया था।
दूसरी ओर अटिंगल सीट पर BJP ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए CPM की ओ.एस. अंबिका को कड़ी चुनौती दी और जीत दर्ज की। इसके साथ ही BJP ने जिले में दो सीटों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जो पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़त मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह चुनाव परिणाम केरल की राजनीति में नए बदलावों का संकेत है, जहां UDF ने वापसी की है और LDF को बड़ा नुकसान हुआ है, वहीं BJP ने भी धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत की है।





