
तिरुवनंतपुरम/चेन्नई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) छोड़ने के कुछ ही दिनों बाद अभिनेता और राजनेता देवन को अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) की केरल इकाई की कमान संभालने का प्रस्ताव मिलने की खबर सामने आई है। अगर यह प्रस्ताव स्वीकार होता है तो तमिलनाडु की राजनीति से उभर रही TVK के केरल में संगठनात्मक विस्तार की दिशा में यह बड़ा कदम माना जाएगा।
देवन ने एक विशेष बातचीत में बताया कि बीजेपी से इस्तीफा देने के अगले ही दिन TVK की ओर से उनसे संपर्क किया गया था। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। हालांकि, अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। उनके मुताबिक, 10 सितंबर के बाद चेन्नई में TVK प्रमुख विजय के साथ प्रस्तावित मुलाकात के बाद इस संबंध में अंतिम फैसला होने की उम्मीद है।
बीजेपी छोड़ने के बाद तुरंत मिला प्रस्ताव
देवन ने बताया कि उन्होंने करीब पांच साल तक बीजेपी के साथ काम किया। लेकिन पार्टी में रहते हुए उन्हें अपेक्षित जिम्मेदारी और सक्रिय भूमिका नहीं मिल सकी। इसी वजह से उन्होंने 16 अगस्त को पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
उनका कहना है कि वह राजनीति में केवल पद के लिए नहीं आए थे, बल्कि सक्रिय रूप से काम करना चाहते थे। उन्हें लगा कि बीजेपी में रहते हुए उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देने का अवसर नहीं मिल रहा है।
देवन के अनुसार, इस्तीफे के अगले ही दिन TVK की ओर से उनसे संपर्क किया गया। इसके बाद पार्टी के प्रतिनिधियों के साथ प्रस्ताव और उनकी संभावित भूमिका को लेकर बातचीत शुरू हुई।
विजय से मुलाकात के बाद होगा फैसला
देवन ने स्पष्ट किया कि TVK की केरल इकाई की अध्यक्षता को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। चेन्नई में विजय के साथ होने वाली मुलाकात इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
10 सितंबर के बाद प्रस्तावित बैठक में पार्टी की भविष्य की रणनीति, केरल में संगठन के विस्तार और देवन की संभावित भूमिका पर चर्चा हो सकती है। इसके बाद ही यह तय होने की उम्मीद है कि वह TVK में औपचारिक रूप से शामिल होंगे या नहीं।
अगर देवन TVK का प्रस्ताव स्वीकार करते हैं तो पार्टी को केरल में एक जाना-पहचाना चेहरा मिल सकता है। अभिनेता के तौर पर देवन की लोकप्रियता को पार्टी अपने संगठन विस्तार के लिए इस्तेमाल कर सकती है।
बीजेपी में पांच साल बाद लिया इस्तीफा
देवन ने बताया कि उन्होंने करीब पांच साल पहले बीजेपी का दामन थामा था। उनके अनुसार, इस दौरान उन्होंने पार्टी के साथ बने रहने की कोशिश की, लेकिन सक्रिय राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं मिलने से वह निराश थे।
उन्होंने कहा कि वह राजनीति में काम करने के उद्देश्य से आए थे। उनके मुताबिक, पार्टी में बने रहने के बावजूद अगर काम करने और योगदान देने का अवसर ही न मिले तो वहां बने रहने का कोई अर्थ नहीं है।
देवन ने अपनी नाराजगी का कारण बताते हुए कहा कि वह केवल पार्टी में बैठे रहने के लिए नहीं आए थे। वह अपनी क्षमता के अनुसार काम करना चाहते थे और लोगों के बीच सक्रिय भूमिका निभाना चाहते थे।
TVK के लिए केरल में विस्तार का मौका
अभिनेता विजय ने तमिलनाडु में अपनी राजनीतिक पार्टी TVK के जरिए सक्रिय राजनीति में कदम रखा है। पार्टी का मुख्य राजनीतिक आधार तमिलनाडु है, लेकिन अब संगठन को पड़ोसी राज्यों में भी विस्तार देने की संभावनाओं पर नजर रखी जा रही है।
केरल में देवन को जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव पार्टी के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। केरल में मलयालम फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े किसी लोकप्रिय चेहरे को संगठन की जिम्मेदारी देने से TVK को स्थानीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, केरल की राजनीति तमिलनाडु से काफी अलग है। यहां लंबे समय से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के बीच मुख्य मुकाबला रहा है। बीजेपी भी राज्य में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में TVK के लिए संगठन खड़ा करना आसान चुनौती नहीं होगी।
अभिनेता से नेता बनने की राजनीति
दक्षिण भारतीय राजनीति में फिल्मी सितारों का राजनीतिक प्रभाव नया नहीं है। तमिलनाडु में कई बड़े अभिनेता राजनीति में प्रवेश कर चुके हैं और कुछ ने सफल राजनीतिक दल भी बनाए हैं। विजय का TVK भी इसी परंपरा की नई कड़ी माना जा रहा है।
विजय की लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी के विस्तार की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा है। अब अगर देवन जैसे अभिनेता और राजनीतिक अनुभव रखने वाले व्यक्ति को केरल में संगठन की जिम्मेदारी मिलती है तो पार्टी को राज्य में शुरुआती पहचान बनाने में मदद मिल सकती है।
देवन की राजनीतिक पृष्ठभूमि
देवन लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहे हैं और बीजेपी के साथ करीब पांच साल काम कर चुके हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पार्टी में सक्रिय योगदान देने की उम्मीद से प्रवेश किया था, लेकिन उन्हें वह जिम्मेदारी नहीं मिली जिसकी वह अपेक्षा कर रहे थे।
अब TVK का प्रस्ताव उनके राजनीतिक करियर के लिए नया अवसर हो सकता है। हालांकि, यह भी स्पष्ट है कि किसी पार्टी की राज्य इकाई का अध्यक्ष बनना केवल राजनीतिक पद हासिल करना नहीं है, बल्कि संगठन खड़ा करने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने और स्थानीय मुद्दों पर पार्टी की पहचान बनाने की बड़ी जिम्मेदारी भी होगी।
अंतिम फैसले पर टिकी नजर
फिलहाल देवन और TVK के बीच बातचीत जारी है। अंतिम फैसला विजय के साथ उनकी मुलाकात के बाद होने की उम्मीद है। यदि वह प्रस्ताव स्वीकार करते हैं तो TVK को केरल में एक प्रमुख चेहरा मिल जाएगा और देवन को भी बीजेपी से अलग होने के बाद अपनी राजनीतिक यात्रा को नई दिशा देने का अवसर मिलेगा।
ऐसे में 10 सितंबर के बाद होने वाली चेन्नई बैठक पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं। इस मुलाकात के बाद यह साफ हो सकता है कि देवन TVK में शामिल होते हैं या नहीं और अगर शामिल होते हैं तो केरल में पार्टी की कमान संभालने की उनकी भूमिका कितनी औपचारिक और व्यापक होगी।
फिलहाल इतना तय है कि बीजेपी से देवन के अलग होने के तुरंत बाद TVK की ओर से संपर्क किया जाना दक्षिण भारतीय राजनीति में बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत है। आने वाले दिनों में यह घटनाक्रम केरल में TVK के संगठन विस्तार और विजय की राजनीतिक रणनीति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।





