
कोल्लम: ट्रॉलिंग पर लगी वार्षिक रोक समाप्त होने के बाद मछली पकड़ने की गतिविधियां फिर से शुरू होने जा रही हैं। शुक्रवार आधी रात से केरल के समुद्री तटों से मशीनीकृत नावें एक बार फिर गहरे समुद्र की ओर रवाना होंगी। मत्स्य विभाग की अनुमति के बाद नींदकारा पुल पर बंधी नावों को रोकने वाली जंजीरों को खोल दिया जाएगा, जिसके साथ ही सैकड़ों मछुआरे नए सीजन की शुरुआत करेंगे।
ट्रॉलिंग प्रतिबंध लागू होने के कारण पिछले कुछ हफ्तों से समुद्र में मशीनीकृत नावों की आवाजाही बंद थी। इस दौरान बड़ी संख्या में मछुआरे और नावों पर काम करने वाले श्रमिक अपने-अपने घर लौट गए थे। अब प्रतिबंध खत्म होने के साथ ही समुद्री क्षेत्र में फिर से हलचल बढ़ने लगी है।
नावों की वापसी की तैयारी पूरी
मत्स्य विभाग ने नावों के संचालन को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। नींदकारा पुल पर खड़ी मशीनीकृत नावों को शुक्रवार आधी रात के बाद समुद्र में जाने की अनुमति दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद नावों को रवाना किया जाएगा।
मछुआरा समुदाय के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि ट्रॉलिंग प्रतिबंध के बाद नए सत्र की शुरुआत से उन्हें बेहतर मछली पकड़ने की उम्मीद रहती है। नाव मालिकों से लेकर श्रमिकों तक, सभी लोग लंबे इंतजार के बाद समुद्र में लौटने की तैयारी में जुटे हैं।
दूसरे राज्यों के श्रमिक लौटे
9 जून को ट्रॉलिंग पर रोक लगाए जाने के बाद मशीनीकृत नावों पर काम करने वाले बड़ी संख्या में मजदूर अपने गृह राज्यों को लौट गए थे। इनमें पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा, बिहार और अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिक शामिल हैं, जो समुद्री मछली पकड़ने के काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रतिबंध समाप्त होने की सूचना मिलने के बाद पिछले कुछ दिनों में ये मजदूर बड़ी संख्या में वापस लौटने लगे हैं। नाव मालिकों का कहना है कि श्रमिकों की वापसी से समुद्र में जाने वाली नावों की तैयारी तेज हो गई है। जालों की मरम्मत, नावों की जांच और ईंधन की व्यवस्था जैसे काम पूरे किए जा रहे हैं।
मछुआरों को नए सीजन से उम्मीदें
ट्रॉलिंग प्रतिबंध का उद्देश्य समुद्री जीवों के प्रजनन काल में मछलियों के संरक्षण को बढ़ावा देना होता है। प्रतिबंध अवधि के दौरान मछली पकड़ने वाली मशीनीकृत नावों पर रोक रहती है, ताकि समुद्री पारिस्थितिकी को नुकसान न पहुंचे और मछलियों की संख्या में वृद्धि हो सके।
अब प्रतिबंध समाप्त होने के बाद मछुआरों को उम्मीद है कि आने वाला सीजन उनके लिए बेहतर साबित होगा। मछली पकड़ने से जुड़े हजारों परिवारों की आय सीधे तौर पर समुद्री गतिविधियों पर निर्भर करती है। लंबे अंतराल के बाद काम शुरू होने से स्थानीय बाजारों और इससे जुड़े व्यापारिक क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
सुरक्षा और नियमों का पालन जरूरी
मत्स्य विभाग ने नाव मालिकों और मछुआरों से समुद्र में जाते समय सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। नावों में आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, लाइफ जैकेट, संचार साधन और अन्य सुरक्षा इंतजामों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि समुद्र में मछली पकड़ने के दौरान तय नियमों का पालन करना जरूरी है। विभाग की ओर से समय-समय पर निरीक्षण भी किया जाएगा ताकि अवैध मछली पकड़ने और नियमों के उल्लंघन को रोका जा सके।
तटीय इलाकों में बढ़ेगी आर्थिक गतिविधि
मशीनीकृत नावों के फिर से समुद्र में उतरने से तटीय इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। मछली व्यापार, बर्फ कारखानों, परिवहन सेवाओं और अन्य संबंधित व्यवसायों से जुड़े लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
ट्रॉलिंग प्रतिबंध के दौरान कई लोगों की आय प्रभावित हुई थी। अब नावों के संचालन शुरू होने से मछुआरा समुदाय को रोजगार और आर्थिक राहत मिलने की संभावना है।
शुक्रवार आधी रात के बाद जब नींदकारा पुल से नावों की रवानगी शुरू होगी, तो यह केवल समुद्री गतिविधियों की बहाली नहीं होगी, बल्कि हजारों मछुआरा परिवारों के लिए नए अवसरों और उम्मीदों की शुरुआत भी होगी।





