
त्रिशूर : केरल के त्रिशूर में पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के एक मामले का खुलासा करते हुए एक फिटनेस ट्रेनर और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों आरोपी फिटनेस सेंटर और उससे जुड़े कारोबार की आड़ में कूरियर पार्सल के माध्यम से मादक पदार्थों की बिक्री कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विष्णु (32) और प्रजल गोगोई (34) के रूप में हुई है। विष्णु नेदुपूझा थेक्कुमुरिया वकायिल का रहने वाला है और पडिंजारेकोट्टम में ‘प्रोटीन मॉल’ नाम की कंपनी चलाता है। यह कंपनी ‘विवा फिटनेस सेंटर’ और उससे जुड़े फिटनेस उत्पादों के कारोबार से जुड़ी बताई जा रही है। वहीं, दूसरा आरोपी प्रजल गोगोई असम का निवासी है और विष्णु के यहां कर्मचारी के रूप में काम करता था।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को त्रिशूर सिटी की DANAF टीम और ईस्ट पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन तूफान’ के तहत की गई नियमित जांच और मिली खुफिया जानकारी के आधार पर की गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान प्रजल गोगोई की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। उसे त्रिशूर शहर के अंबाक्कडन जंक्शन के पास स्थित एक कूरियर कंपनी में नियमित रूप से आते-जाते देखा गया था। पुलिस को संदेह था कि कूरियर सेवा का इस्तेमाल किसी अवैध गतिविधि के लिए किया जा रहा है।
जांच में सामने आया कि प्रजल जिस कूरियर कंपनी में जाता था, वहां से वह कपड़े भेजता था। ये कपड़े विष्णु की कंपनी से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन पार्सलों में क्या भेजा जाता था और क्या कूरियर नेटवर्क का इस्तेमाल ड्रग्स की सप्लाई के लिए किया जा रहा था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों आरोपियों की गतिविधियों पर काफी समय से नजर रखी जा रही थी। इसके बाद पर्याप्त जानकारी मिलने पर कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और आरोपियों के संपर्कों तथा संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्रजल गोगोई पहले से एक आपराधिक मामले में शामिल रहा है। उसके खिलाफ एर्नाकुलम जिले के कलाडी थाने में हत्या का एक मामला दर्ज है। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और मौजूदा मामले के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है।
त्रिशूर सिटी पुलिस कमिश्नर नकुल आर. देशमुख की निगरानी में यह पूरी कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि शहर में मादक पदार्थों की बिक्री और तस्करी को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि फिटनेस सेंटर और युवाओं से जुड़े स्थानों का इस्तेमाल यदि किसी गैरकानूनी गतिविधि के लिए किया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी कब से इस तरह की गतिविधियों में शामिल थे और उनके जरिए कितने लोगों तक मादक पदार्थ पहुंचाए गए। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस नेटवर्क में और लोग जुड़े हुए हैं।
मादक पदार्थों की तस्करी के लिए कूरियर सेवाओं के इस्तेमाल के मामले हाल के वर्षों में सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां पार्सल की आवाजाही, संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच करती हैं।
त्रिशूर पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि समाज के सहयोग से ही ड्रग्स के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को शहर में ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





