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केरल में दर्दनाक हादसा: मिक्सचर खाते समय गले में दाना फंसने से तीन साल के मासूम की मौत

Kavita2
15 July 2026 1:47 PM IST
केरल में दर्दनाक हादसा: मिक्सचर खाते समय गले में दाना फंसने से तीन साल के मासूम की मौत
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मलप्पुरम : केरल के मलप्पुरम जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां मिक्सचर खाते समय गले में दाना फंस जाने से तीन वर्षीय मासूम की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जबकि चिकित्सकों ने छोटे बच्चों को कठोर या छोटे आकार के खाद्य पदार्थ खिलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

मृतक बच्चे की पहचान मलप्पुरम जिले के कुन्नुमपुरम क्षेत्र के चेंगानी निवासी मुनीर और फरसीना के तीन वर्षीय पुत्र मुहम्मद रिज़ान के रूप में हुई है। बताया गया कि सोमवार सुबह रिज़ान अपने घर पर परिवार के साथ था। इसी दौरान उसे खाने के लिए मिक्सचर दिया गया। मिक्सचर खाते समय उसमें मौजूद एक छोटा दाना अचानक उसके गले में फंस गया।

दाना गले में फंसते ही बच्चे को सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी। वह जोर-जोर से खांसने लगा और कुछ ही क्षणों में उसकी हालत बिगड़ गई। बच्चे को तड़पता और सांस के लिए संघर्ष करता देख परिवार के लोग घबरा गए। माता-पिता ने बिना समय गंवाए उसे तुरंत कुन्नुमपुरम के एक स्थानीय अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्चे को बचाने का हरसंभव प्रयास किया। चिकित्सकों ने उसकी सांस सामान्य करने और गले में फंसी वस्तु को निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तमाम प्रयासों के बावजूद बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, बच्चे की मौत का कारण उसके श्वास मार्ग में फंसा छोटा दाना था, जिससे सांस पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। प्रारंभिक चिकित्सकीय जांच में स्पष्ट हुआ कि गले में फंसी वस्तु के कारण शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल सकी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। परिवार का इकलौता या छोटा बच्चा होने के कारण परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसी और स्थानीय लोग भी इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध हैं और परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों में भोजन के दौरान दम घुटने (चोकिंग) की घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक होती हैं। इस उम्र के बच्चे भोजन को पूरी तरह चबाने में सक्षम नहीं होते और अक्सर खेलते-खेलते या जल्दी-जल्दी खाने के दौरान छोटे दाने, मेवे या कठोर खाद्य पदार्थ उनके श्वास मार्ग में फंस सकते हैं।

चिकित्सकों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि छोटे बच्चों को मिक्सचर, मूंगफली, साबुत चना, पॉपकॉर्न, अंगूर, टॉफी या अन्य छोटे और कठोर खाद्य पदार्थ देते समय विशेष सावधानी बरतें। बच्चों को हमेशा बैठाकर और निगरानी में भोजन कराना चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता दी जा सके।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यदि किसी बच्चे के गले में भोजन फंस जाए और वह सांस लेने में कठिनाई महसूस करे, तो बिना घबराए तत्काल प्राथमिक उपचार देने के साथ ही निकटतम अस्पताल पहुंचाना चाहिए। कई मामलों में समय पर दी गई चिकित्सकीय सहायता बच्चे की जान बचा सकती है।

यह घटना एक बार फिर अभिभावकों के लिए चेतावनी बनकर सामने आई है कि छोटे बच्चों के खान-पान को लेकर जरा-सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम ला सकती है। विशेष रूप से सूखे मेवे, छोटे बीज और मिश्रित नमकीन जैसे खाद्य पदार्थ बच्चों को देने से पहले उनकी उम्र और खाने की क्षमता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

फिलहाल इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार गहरे सदमे में है। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया है। वहीं, डॉक्टरों ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि छोटे बच्चों को भोजन कराते समय पूरी सतर्कता बरतें, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

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