केरल

Kochi मेट्रो निर्माण से जाम, विधानसभा में उठा मुद्दा

Kavita2
25 Jun 2026 3:29 PM IST
Kochi मेट्रो निर्माण से जाम, विधानसभा में उठा मुद्दा
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Kerala केरल: कोच्चि में मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण के निर्माण कार्यों के कारण बढ़ते ट्रैफिक जाम और लोगों को हो रही परेशानियों को लेकर विधानसभा में मामला गरमाया। थ्रिक्काकारा विधानसभा क्षेत्र की विधायक उमा थॉमस ने इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

विधायक उमा थॉमस ने कहा कि कोच्चि मेट्रो का दूसरा चरण तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसके निर्माण कार्यों के कारण क्षेत्र में यातायात व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि काक्कनाड कलेक्ट्रेट, इन्फो पार्क, KINFRA, SEZ और स्मार्ट सिटी जैसे प्रमुख व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों में प्रतिदिन हजारों कर्मचारी काम करते हैं, और इन इलाकों में आना-जाना बेहद कठिन हो गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मेट्रो निर्माण कार्यों के चलते लगातार लग रहे ट्रैफिक जाम ने आम लोगों के साथ-साथ कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों की दिनचर्या को भी प्रभावित किया है। कई स्थानों पर सड़कें संकरी हो गई हैं और वैकल्पिक मार्गों की कमी के कारण यातायात का दबाव बढ़ गया है।

विधायक ने विधानसभा में यह भी कहा कि मेट्रो परियोजना के पहले चरण के दौरान सरकार ने पहले से व्यापक तैयारी की थी। उस समय 22 समानांतर सड़कों को बीएमबीसी (B.M.B.C.) से ऊंचा कर मजबूत किया गया था और चार पुलों का निर्माण भी किया गया था, जिससे यातायात को सुचारु रखने में मदद मिली थी।

हालांकि, उमा थॉमस ने आरोप लगाया कि दूसरे चरण के निर्माण कार्यों से पहले इस तरह की कोई प्रारंभिक तैयारी नहीं की गई, जिसके कारण वर्तमान में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि यदि पहले से उचित योजना बनाई जाती तो ट्रैफिक की समस्या इतनी गंभीर नहीं होती।

उन्होंने सरकार से मांग की कि मेट्रो निर्माण कार्यों के साथ-साथ ट्रैफिक प्रबंधन के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। विधायक ने कहा कि विकास परियोजनाएं आवश्यक हैं, लेकिन उन्हें इस तरह लागू किया जाना चाहिए जिससे नागरिकों की दैनिक जीवन की कठिनाइयां कम से कम हों।

विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने जवाब देते हुए आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय करेगी और जहां जरूरत होगी वहां सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री के इस आश्वासन के बाद भी विपक्ष और स्थानीय प्रतिनिधियों ने कहा कि जमीनी स्तर पर स्थिति गंभीर बनी हुई है और लोगों को रोजाना घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। खासकर कार्यालय समय में यातायात दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मेट्रो निर्माण कार्यों के कारण कई प्रमुख सड़कों पर लगातार अवरोध की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा, भारी वाहनों और निर्माण सामग्री की आवाजाही से भी ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई जगहों पर सड़क चौड़ाई कम होने के कारण जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है।

इन्फो पार्क, काक्कनाड और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों ने भी इस समस्या पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि रोजाना आने-जाने में पहले की तुलना में अधिक समय लग रहा है, जिससे कामकाजी जीवन पर असर पड़ रहा है।

विधायक उमा थॉमस ने यह भी कहा कि मेट्रो जैसी बड़ी परियोजनाएं शहर के विकास के लिए जरूरी हैं, लेकिन इनके साथ उचित ट्रैफिक प्रबंधन और वैकल्पिक मार्गों की योजना भी अनिवार्य है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस मुद्दे पर विशेष ध्यान दे और जल्द समाधान सुनिश्चित करे।

फिलहाल, विधानसभा में दिए गए आश्वासन के बाद अब इस बात पर नजर बनी हुई है कि प्रशासन और मेट्रो प्राधिकरण मिलकर ट्रैफिक समस्या को कम करने के लिए क्या कदम उठाते हैं। स्थानीय जनता को उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति में सुधार होगा और यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकेगी।

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