केरल

केरल में मूसलाधार बारिश, राहत-बचाव अभियान जारी

Ratna Netam
2 Aug 2026 3:24 PM IST
केरल में मूसलाधार बारिश, राहत-बचाव अभियान जारी
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केरल : लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाओं ने राज्य के कई जिलों में व्यापक तबाही मचाई है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन की ओर से रविवार को दी गई जानकारी के अनुसार, बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 8 लोग लापता बताए गए हैं, जबकि 13 लोग घायल हुए हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में हाई अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य की कई नदियां उफान पर हैं और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए मुवत्तुपुझा वैली सिंचाई परियोजना के अंतर्गत आने वाले मलंकारा डैम के पांच गेट खोलने पड़े हैं, ताकि अतिरिक्त पानी को सुरक्षित तरीके से छोड़ा जा सके। जलस्तर बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य के कोझिकोड, कन्नूर, अलुवा, वायनाड, इडुक्की और अन्य कई क्षेत्रों में भारी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर वाहन फंस गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राहत दलों की मदद लेनी पड़ी। अलुवा स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर भी बाढ़ के पानी में डूब गया है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है।

भूस्खलन की घटनाओं ने भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। कई पहाड़ी इलाकों में मिट्टी खिसकने से मकानों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 27 घर पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं, जबकि 196 मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है।

राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को तेज करते हुए प्रभावित क्षेत्रों से 5,792 लोगों को सुरक्षित निकालकर 209 राहत शिविरों में ठहराया है। इन शिविरों में भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के साथ-साथ स्वयंसेवी संगठन भी राहत कार्यों में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई है। कन्नूर जिले के अय्यनकुन्नू क्षेत्र में सबसे अधिक 320 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो इस मानसून सीजन की सबसे अधिक बारिश में से एक है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा और बढ़ गया है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य के 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अलाप्पुझा, कोझिकोड, इडुक्की, वायनाड, कन्नूर, कोट्टायम, पथानामथिट्टा, पालक्काड, मलप्पुरम, त्रिशूर, कासरगोड और एर्नाकुलम जिलों में गरज-चमक के साथ अत्यधिक बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।

प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी है। साथ ही पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को लेकर भी जिला प्रशासन स्थिति के अनुसार निर्णय ले रहा है।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रभावित परिवारों तक हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले दिनों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा तो प्रभावित क्षेत्रों में और सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, राहत पहुंचाने और सामान्य जनजीवन को जल्द से जल्द बहाल करने पर केंद्रित है।

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