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त्रिशूर: तिरुवमबाडी देवस्वोम ने त्रिशूर पूरम में आई बाधा की नई जांच की मांग की है। देवस्वोम सचिव के. गिरीश कुमार ने मौजूदा जांच रिपोर्ट की आलोचना करते हुए कहा कि यह शिकायतकर्ता को ही आरोपी बनाने की कोशिश है। उनकी यह टिप्पणी तब आई है, जब क्राइम ब्रांच प्रमुख ने सरकार को एक रिपोर्ट सौंपकर देवस्वोम के पदाधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति मांगी है।
क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट पूरी तरह से गलत है। क्या यह कहना गलत नहीं है कि तिरुवमबाडी देवस्वोम के सभी प्रतिनिधियों ने मिलकर पूरम में बाधा डाली? अगर देवस्वोम से कोई चूक हुई है, तो हम उसे सुधारने के लिए तैयार हैं, बशर्ते उन चूकों को स्पष्ट रूप से बताया जाए। गिरीश कुमार ने कहा, "देवासवोम कभी भी पूरम में बाधा डालने या इसकी भव्यता को कम करने की कोशिश नहीं करेगा।" उन्होंने इस रिपोर्ट को शिकायतकर्ता को ही आरोपी में बदलने की एक कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि देवासवोम इस मामले पर गुरुवार या शुक्रवार को मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और देवासवोम मंत्री के साथ चर्चा करेगा।
उन्होंने बताया कि आगे की कार्रवाई तय करने से पहले वे उनके सामने सभी तथ्य रखेंगे। क्राइम ब्रांच ने त्रिशूर पूरम में कथित बाधा के मामले में अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। गृह विभाग को सौंपी गई इस रिपोर्ट में तिरुवमबाडी देवासवोम के आठ पदाधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति मांगी गई है। इन पर आपराधिक साजिश रचने और दंगा भड़काने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इस रिपोर्ट में ADGP एम.आर. अजित कुमार की कथित भूमिका का कोई जिक्र नहीं है, जिन पर भी पूरम में बाधा डालने के संबंध में आरोप लगे थे।
पिनाराई विजयन सरकार ने अक्टूबर 2024 में इस जांच के आदेश दिए थे। उस समय विपक्ष और अन्य लोगों ने आरोप लगाया था कि अजित कुमार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ मिलकर इस उत्सव में बाधा डालने की साजिश रची थी। राज्य के पूर्व पुलिस प्रमुख दरवेश साहिब ने इससे पहले तत्कालीन सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में हुई चूक की ओर इशारा किया गया था, लेकिन उस पर कोई आगे की कार्रवाई नहीं हुई। अब जो नई रिपोर्ट सामने आई है, उसमें तिरुवमबाडी देवासवोम की कथित चूक पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जबकि इस घटना में अजित कुमार की कथित भूमिका का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
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