केरल

CPM नेता के. विजयन हत्या प्रयास मामले में तीन SDPI कार्यकर्ताओं को 9-9 साल की जेल

Kavita2
6 Aug 2026 3:58 PM IST
CPM नेता के. विजयन हत्या प्रयास मामले में तीन SDPI कार्यकर्ताओं को 9-9 साल की जेल
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कन्नूर: केरल के कन्नूर जिले में CPM ब्रांच सेक्रेटरी के. विजयन पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। तालिपारम्बा की एडिशनल सेशंस कोर्ट ने SDPI कार्यकर्ताओं टी. हनान, मुहम्मद अब्दुल्ला और एम.पी. फैसल को नौ-नौ साल की जेल की सजा सुनाई है।

कोर्ट ने तीनों दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है। न्यायाधीश के.एन. प्रशांत ने आदेश दिया कि आरोपियों को कुल नौ साल के जुर्माने का भुगतान करना होगा। प्रत्येक आरोपी पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि हमले में घायल हुए पीड़ित के. विजयन को दी जाए।

यह मामला 17 सितंबर 2015 का है, जब रमनथली वडक्कुम्पड इलाके में CPM ब्रांच सेक्रेटरी के. विजयन पर हमला किया गया था। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी बाइक से पहुंचे थे और उन्होंने विजयन पर हमला कर उनकी हत्या करने की कोशिश की थी।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, हमला सुनियोजित तरीके से किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने आरोपियों को दोषी पाया और अब सजा का ऐलान किया गया है।

अदालत के फैसले के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को रखा। अभियोजन का कहना था कि आरोपियों ने जान से मारने के इरादे से हमला किया था, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

वहीं, बचाव पक्ष ने अदालत के सामने अपनी दलीलें रखीं, लेकिन कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपियों को दोषी माना। इसके बाद तीनों आरोपियों को नौ-नौ साल की कैद और आर्थिक दंड की सजा सुनाई गई।

के. विजयन पर हुए इस हमले ने उस समय इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया था। घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं भी सामने आई थीं। मामले की सुनवाई के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया।

अदालत के फैसले के बाद पीड़ित पक्ष को राहत मिली है। जुर्माने की राशि पीड़ित को दिए जाने के आदेश को अदालत ने मुआवजे के रूप में महत्वपूर्ण माना है। इससे हमले में प्रभावित व्यक्ति को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

राजनीतिक हिंसा से जुड़े मामलों में अदालतों द्वारा सुनाई गई सजा को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे मामलों में दोषियों को सजा मिलने से हिंसक गतिविधियों पर रोक लगाने का संदेश जाता है।

के. विजयन हमला मामला करीब एक दशक पुराना है। वर्ष 2015 में हुई इस घटना के बाद पुलिस जांच, सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में कई साल लगे। अब अदालत के फैसले के साथ मामले में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा हुआ है।

फैसले में अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों को लगाया गया जुर्माना पीड़ित के हित में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। तीनों आरोपियों को अब जेल की सजा पूरी करनी होगी और निर्धारित जुर्माने का भुगतान भी करना होगा।

इस मामले में अदालत का निर्णय राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में हुई हिंसा से जुड़े मामलों पर कानून के हस्तक्षेप को दर्शाता है। आने वाले समय में यह फैसला ऐसे अन्य मामलों के लिए भी एक संदर्भ के रूप में देखा जा सकता है।

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