केरल

Salman में 13 वर्षीय सलमान फ़ारिस की कहानी ने छुआ दिल

Kavita2
6 July 2026 5:43 PM IST
Salman में 13 वर्षीय सलमान फ़ारिस की कहानी ने छुआ दिल
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Kerala केरल: कोल्लम जिले से एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां 13 वर्षीय स्कूली छात्र सलमान फ़ारिस की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। सलमान नौवीं कक्षा का छात्र था और अपनी सरलता, दयालु स्वभाव और जानवरों के प्रति प्रेम के लिए जाना जाता था। उसके इस असमय निधन ने पूरे क्षेत्र को शोक में डाल दिया।

सलमान फ़ारिस को अपने आसपास के लोगों से बेहद लगाव था। वह मुर्गियों से लेकर बिल्लियों तक, हर जीव के प्रति संवेदनशील था। परिवार और परिचितों के अनुसार, उसकी उम्र के साथ-साथ उसमें दूसरों की मदद करने की भावना भी गहराई से विकसित हो रही थी। यही कारण था कि उसने बहुत कम उम्र में ही जरूरतमंदों की सहायता करने का सपना देखना शुरू कर दिया था।

बताया जाता है कि सलमान ने स्कूल स्तर पर आयोजित कला महोत्सव में भाग लिया था, जहां उसने अपनी प्रतिभा के दम पर पुरस्कार जीता था। उसका सपना था कि इस इनामी राशि का एक हिस्सा वह उन लोगों को दे, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। वह चाहता था कि मंच पर जाकर यह राशि गांधी भवन तक पहुंचाई जाए, ताकि किसी सामाजिक कार्य में इसका उपयोग हो सके।

परिवार के अनुसार, सलमान अपने इस छोटे लेकिन बड़े उद्देश्य को लेकर बेहद उत्साहित था। वह लगातार इस बात का इंतजार कर रहा था कि कब उसे मंच पर बुलाया जाएगा और वह अपने सपने को वास्तविकता में बदल सकेगा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

पिछले वर्ष जून में कोल्लम के पलकुलंगरा क्षेत्र में एक टिपर लॉरी दुर्घटना में उसकी दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उसके परिवार और पूरे इलाके के लिए गहरा आघात था। एक होनहार और संवेदनशील बच्चे की अचानक मौत ने सभी को झकझोर दिया।

सलमान की मृत्यु के बाद उसके परिवार में गहरा शोक छा गया, लेकिन साथ ही उसके अधूरे सपने की याद भी उन्हें लगातार परेशान करती रही। परिवार ने उसके उस विचार को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया, जिसमें वह अपनी पुरस्कार राशि जरूरतमंदों को देना चाहता था।

घटना के एक महीने बाद, परिवार ने सलमान की उस अंतिम इच्छा को पूरा करने का प्रयास किया, जिसे वह स्वयं पूरा नहीं कर सका था। घर पर ही एक भावनात्मक माहौल में उसके नाम से यह कार्य संपन्न किया गया, जिससे परिवार और आसपास के लोग भावुक हो उठे।

परिवार के सदस्यों का कहना है कि सलमान हमेशा दूसरों की मदद करने की बात करता था और उसके विचार उसकी उम्र से कहीं अधिक परिपक्व थे। उसकी इस सोच ने न केवल परिवार बल्कि पूरे समुदाय को प्रेरित किया है।

स्थानीय लोगों ने भी सलमान के इस कदम और उसके परिवार के प्रयासों की सराहना की है। उनका कहना है कि इतनी कम उम्र में किसी बच्चे का ऐसा सपना और सोच समाज के लिए एक उदाहरण है।

इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि बच्चों की संवेदनशीलता और सामाजिक सोच समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। सलमान फ़ारिस की कहानी भले ही एक दुखद अंत पर समाप्त हुई हो, लेकिन उसकी सोच और भावना हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।

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