केरल

आठ साल बाद भी अधूरी है सरकारी एलपी स्कूल की नई इमारत

Kavita2
22 Aug 2026 3:35 PM IST
आठ साल बाद भी अधूरी है सरकारी एलपी स्कूल की नई इमारत
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एनाथ। एनाथ इलांगमंगलम सरकारी एलपी स्कूल की नई इमारत का निर्माण कार्य शुरू हुए करीब आठ साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक भवन पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है। वर्ष 2018 में शुरू हुआ निर्माण कार्य अभी भी धीमी गति से चल रहा है। इसके चलते स्कूल के विद्यार्थियों को पुरानी इमारत में ही सीमित सुविधाओं के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है।

नई इमारत के निर्माण से स्कूल में बेहतर शैक्षणिक माहौल और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद थी। लेकिन लंबे समय से निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने जल्द से जल्द भवन निर्माण पूरा कराने की मांग की है।

1.17 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना

जानकारी के अनुसार, स्कूल भवन का निर्माण केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) से 92.20 लाख रुपये और विधायक निधि से 25 लाख रुपये की संयुक्त राशि से कराया जा रहा है। यानी परियोजना के लिए कुल करीब 1.17 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

नई इमारत में विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई सुविधाएं प्रस्तावित हैं। भवन में चार कक्षाएं, कार्यालय, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। यदि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो जाता तो विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित स्थान मिल सकता था।

हालांकि, निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण प्रस्तावित सुविधाओं का लाभ अभी तक विद्यार्थियों को पूरी तरह नहीं मिल पाया है।

2018 में शुरू हुआ था काम

स्कूल की नई इमारत का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू किया गया था। शुरुआत में उम्मीद थी कि निर्धारित समय के भीतर भवन का काम पूरा हो जाएगा और विद्यार्थियों को नए भवन में पढ़ाई का अवसर मिलेगा। लेकिन निर्माण के दौरान कई तरह की बाधाएं सामने आती रहीं।

कोरोना महामारी के दौरान निर्माण गतिविधियां प्रभावित हुईं। महामारी के कारण लंबे समय तक काम प्रभावित रहने के बाद भी निर्माण कार्य अपेक्षित गति नहीं पकड़ सका। इसके अलावा फंड उपलब्ध होने में कथित देरी का भी निर्माण पर असर पड़ा।

संबंधित लोगों के अनुसार, निर्माण कार्य के लिए आवश्यक राशि समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण भी काम की रफ्तार प्रभावित हुई। हालांकि, परियोजना के पूरा होने में देरी के अन्य कारणों की भी समीक्षा किए जाने की जरूरत है।

पुरानी इमारत में चल रही पढ़ाई

नई इमारत तैयार नहीं होने के कारण स्कूल फिलहाल पुरानी बिल्डिंग में ही संचालित हो रहा है। सीमित जगह और सुविधाओं के बीच विद्यार्थियों को पढ़ाई करनी पड़ रही है।

एलपी स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के लिए बेहतर वातावरण और पर्याप्त सुविधाओं का होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। अभिभावकों का कहना है कि लंबे समय से निर्माणाधीन भवन के पूरा होने का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन काम कब पूरा होगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

नई इमारत में चार क्लासरूम समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को अधिक व्यवस्थित तरीके से पढ़ाने में मदद मिल सकती है। ऐसे में भवन निर्माण में हो रही देरी को लेकर अभिभावकों में नाराजगी है।

PTA ने कलेक्टर से की शिकायत

स्कूल की स्थिति को देखते हुए PTA (पैरेंट-टीचर एसोसिएशन) ने भी मामले को प्रशासन के सामने उठाया है। PTA की ओर से कलेक्टर को शिकायत देकर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की गई थी।

शिकायत में लंबे समय से चल रहे निर्माण कार्य और विद्यार्थियों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया गया। अभिभावकों और स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि प्रशासन की ओर से मामले में हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य को गति दी जाएगी।

हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि भवन निर्माण की प्रगति की नियमित समीक्षा कर संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी को समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए जाने चाहिए।

अभिभावकों में नाराजगी

स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि एक सरकारी स्कूल की इमारत के निर्माण में आठ साल का समय लगना चिंता का विषय है। उनका कहना है कि परियोजना के लिए पर्याप्त राशि स्वीकृत होने के बावजूद भवन अब तक पूरा नहीं हो पाया है।

अभिभावकों की मांग है कि प्रशासन निर्माण स्थल का निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति की जानकारी ले और काम में आ रही बाधाओं को दूर करे। यदि फंड की उपलब्धता या किसी अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण काम प्रभावित हो रहा है तो उसका तत्काल समाधान किया जाना चाहिए।

जल्द पूरा होने की उम्मीद

नई इमारत के निर्माण से स्कूल के विद्यार्थियों को बेहतर कक्षाएं, कार्यालय और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। इसलिए अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।

अभिभावकों और PTA का कहना है कि निर्माण कार्य में और देरी होने से विद्यार्थियों को लंबे समय तक पुरानी इमारत की सीमित सुविधाओं में पढ़ाई करनी पड़ेगी। ऐसे में संबंधित विभाग को परियोजना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर शेष कार्य को जल्द पूरा कराने की दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए।

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