
मलप्पुरम: केरल के करुवरकुंदु और थुव्वुर पंचायत क्षेत्रों में करीब 24 घंटे तक दहशत का माहौल पैदा करने वाला जंगली हाथी आखिरकार जंगल की ओर लौट गया। वन विभाग और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की कई घंटों की मशक्कत के बाद गुरुवार रात हाथी को आबादी वाले इलाके से सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ दिया गया।
हाथी के रिहायशी इलाकों में पहुंचने से सैकड़ों परिवारों में डर का माहौल बन गया था। लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे थे और इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
स्टेट हाईवे पार कर बस्ती में पहुंचा हाथी
जानकारी के अनुसार, हाथी बुधवार शाम करीब 5 बजे अरिमानल इलाके में स्टेट हाईवे पार करके आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचा था। इसके बाद वह कन्नथ इलाके के आसपास घरों के बीच घूमता रहा।
हाथी की अचानक मौजूदगी से स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए और बाहर निकलने से परहेज किया।
रातभर हाथी के इलाके में घूमने की वजह से स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को सतर्क कर दिया गया।
घरों के बीच घूमने से बढ़ी चिंता
कन्नथ इलाके में हाथी के पहुंचने के बाद स्थिति काफी संवेदनशील हो गई थी। हाथी कभी एक स्थान पर रुकता तो कभी तेजी से दूसरे क्षेत्र की ओर बढ़ जाता।
स्थानीय लोगों को डर था कि हाथी किसी घर या व्यक्ति को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
वन विभाग की टीम ने लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी और उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भेजने की योजना बनाई।
कई घंटे चला रेस्क्यू अभियान
हाथी को आबादी वाले क्षेत्र से बाहर निकालने के लिए वन विभाग और रैपिड एक्शन फोर्स की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाया।
कई घंटों की कोशिशों के बाद गुरुवार रात टीमों को सफलता मिली और हाथी को धीरे-धीरे जंगल की दिशा में भेज दिया गया।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और उन्हें हाथी से दूरी बनाए रखने की सलाह दी।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
हाथी के जंगल लौटने के बाद करुवरकुंदु और थुव्वुर पंचायतों के निवासियों ने राहत की सांस ली।
लगातार 24 घंटे तक बने डर के माहौल के बाद अब लोगों ने सामान्य दिनचर्या शुरू की है। हालांकि, ग्रामीणों में अभी भी वन्यजीवों के रिहायशी इलाकों में आने को लेकर चिंता बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगलों के आसपास बसे क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं और इसके लिए स्थायी समाधान की जरूरत है।
वन विभाग ने की निगरानी
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों के दिखने पर खुद उनके पास जाने या उन्हें परेशान करने की कोशिश न करें और तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
मानव-वन्यजीव संघर्ष पर फिर चर्चा
इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष के मुद्दे को सामने ला दिया है।
जंगलों के आसपास बसे इलाकों में हाथी और अन्य जंगली जानवरों के आने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे लोगों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण दोनों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों को कम करने के लिए वन क्षेत्रों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और स्थानीय लोगों में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।
प्रशासन सतर्क
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और वन विभाग क्षेत्र में सतर्कता बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति बनने पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयारियां की गई हैं।
फिलहाल हाथी के जंगल लौट जाने से इलाके में स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।





