केरल

इलंगुलम शास्ता देवस्वोम KVLPG स्कूल के स्टूडेंट्स ने मीनाचिल नदी पर किया नेचर स्टडी टूर

Kavita2
8 Jun 2026 3:31 PM IST
इलंगुलम शास्ता देवस्वोम KVLPG स्कूल के स्टूडेंट्स ने मीनाचिल नदी पर किया नेचर स्टडी टूर
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Kerala केरल: इलंगुलम शास्ता देवस्वोम KVLPG स्कूल की कक्षा चार के विद्यार्थियों ने हाल ही में एक नेचर स्टडी टूर आयोजित किया। इस शैक्षिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य छात्रों को प्राकृतिक संसाधनों, विशेषकर जल संसाधनों के महत्व और उनके संरक्षण के बारे में प्रत्यक्ष अनुभव देना था।

स्टूडेंट्स ने इस दौरान मीनाचिल नदी और उसकी सहायक नदियों के कैचमेंट एरिया का दौरा किया। शिक्षकों ने छात्रों को नदी के आसपास के पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में विस्तार से समझाया। विद्यार्थियों ने नदी के जलस्तर, बहाव की दिशा और आसपास के वनस्पति और जीव-जंतुओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

यात्रा के दौरान छात्र कुलीपुरा मल्लिका, डैम और किदंगूर सुब्रह्मण्य स्वामी मंदिर पहुंचे। इन स्थलों पर उन्होंने मीनाचिल नदी में केंद्रीय जल आयोग (Central Water Commission) द्वारा लगाए गए वॉटर लेवल स्केल का निरीक्षण किया। छात्रों ने सीखा कि इन स्केलों की मदद से जल स्तर और वर्षा के अनुसार जल संसाधनों का प्रबंधन किया जाता है।

शिक्षकों ने छात्रों को बताया कि जल स्तर की निगरानी केवल नदियों की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि बाढ़ की रोकथाम, सिंचाई और पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। बच्चों ने वॉटर लेवल स्केल को देखकर जलस्तर की स्थिति का अध्ययन किया और इसके महत्व को समझा।

इस स्टडी टूर का एक प्रमुख हिस्सा छात्रों द्वारा नदी और आसपास के क्षेत्र का अवलोकन करना भी था। उन्होंने नदी के तट पर जलीय पौधों और छोटे जीव-जंतुओं की पहचान की और उनके पर्यावरणीय महत्व पर चर्चा की। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि नदी और उसके कैचमेंट एरिया का स्वास्थ्य सीधे तौर पर लोगों के जीवन और कृषि पर प्रभाव डालता है।

छात्रों ने इस नेचर स्टडी टूर को बहुत रोचक और शिक्षाप्रद पाया। उन्होंने नदी के महत्व, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण ज्ञान प्राप्त किया। इस अनुभव ने छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद की।

स्कूल प्रशासन ने कहा कि इस तरह की शैक्षिक यात्राओं का उद्देश्य बच्चों को किताबों के ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक दुनिया के अनुभव से जोड़ना है। यह छात्रों के लिए न केवल सीखने का अवसर है, बल्कि उन्हें प्रकृति के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी सहायक है।

स्टूडेंट्स ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उन्हें नदी और उसके आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र को करीब से देखने और समझने का मौका मिला, जो कक्षा में सिर्फ पढ़ाई के दौरान संभव नहीं होता।

इस नेचर स्टडी टूर ने छात्रों को जल संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरणीय जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की प्रेरणा दी।

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