केरल

मन्नानचेरी में आवारा कुत्तों का आतंक, रेबीज से दहशत

Kavita2
31 July 2026 4:23 PM IST
मन्नानचेरी में आवारा कुत्तों का आतंक, रेबीज से दहशत
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मन्नानचेरी: केरल के मन्नानचेरी और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चिंता का कारण बन गई है। दिन-रात झुंड में घूमने वाले आवारा कुत्ते पैदल यात्रियों, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार कुत्तों के अचानक पीछा करने और हमला करने से लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है।

मन्नानचेरी जंक्शन पर ही करीब 50 आवारा कुत्तों के जमा होने की बात सामने आई है। बड़ी संख्या में कुत्तों के एक ही स्थान पर रहने से वहां से गुजरने वाले लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। खासकर सुबह और शाम के समय जब स्कूल जाने वाले बच्चे और कामकाजी लोग सड़क से गुजरते हैं, तब खतरा और बढ़ जाता है।

कुत्तों के हमलों से कई लोग घायल

स्थानीय लोगों के अनुसार, आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई लोग पहले ही इनके काटने और हमले का शिकार हो चुके हैं। हाल ही में नेताजी क्षेत्र, मन्नानचेरी में आवारा कुत्तों ने कई लोगों को काट लिया था। इनमें छह साल का एक बच्चा भी शामिल था।

इस घटना के बाद इलाके में डर का माहौल और बढ़ गया, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग की जांच में पुष्टि हुई कि काटने वाला कुत्ता बाद में मृत पाया गया था और उसमें रेबीज संक्रमण था। रेबीज की पुष्टि के बाद स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई और लोगों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की।

रेबीज के खतरे ने बढ़ाई चिंता

रेबीज एक गंभीर बीमारी है, जो संक्रमित जानवर के काटने से फैल सकती है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में इलाके में रेबीज संक्रमित कुत्ते के पाए जाने से लोगों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को सतर्क रहने और कुत्तों के काटने की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे को नियंत्रित करने के लिए टीकाकरण और नसबंदी जैसे उपायों को प्रभावी तरीके से लागू करना जरूरी है।

स्कूल से लौट रही छात्रा पर हमला

आवारा कुत्तों के आतंक का एक और मामला सामने आया, जब साइकिल से स्कूल से लौट रही आठवीं कक्षा की एक छात्रा पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि छात्रा सड़क से गुजर रही थी, तभी अचानक कई कुत्ते उसके पीछे दौड़ पड़े।

कुत्तों को देखकर डर के कारण छात्रा का संतुलन बिगड़ गया और वह साइकिल से गिर गई। इस हादसे में उसे गंभीर चोट लगी और उसकी हड्डी टूट गई। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।

लोगों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए सड़क पर निकलना मुश्किल होता जा रहा है। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों को लेकर अभिभावक चिंतित हैं।

स्थानीय लोगों ने उठाई कार्रवाई की मांग

मन्नानचेरी के निवासियों ने पंचायत और संबंधित विभागों से आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल शिकायत दर्ज करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जमीन पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने, उनका टीकाकरण कराने और खतरनाक कुत्तों की पहचान करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

सुरक्षा को लेकर बढ़ रही चिंता

इलाके के लोगों का कहना है कि पहले भी कई बार आवारा कुत्तों के कारण दुर्घटनाएं और हमले हो चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अब रेबीज संक्रमण की पुष्टि के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है।

दोपहिया वाहन चालकों का कहना है कि सड़क पर अचानक कुत्तों के झुंड के आने से कई बार वाहन का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

प्रशासन से ठोस कदम की उम्मीद

स्थानीय निवासी अब प्रशासन से उम्मीद कर रहे हैं कि इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान निकाला जाएगा। लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या केवल असुविधा नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा बन चुकी है।

मन्नानचेरी में लगातार सामने आ रही घटनाओं ने एक बार फिर आवारा पशु नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जरूरी है कि संबंधित विभाग मिलकर ऐसा कदम उठाएं जिससे लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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