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नीलांबुर। केरल के नीलांबुर इलाके के पुक्कोट्टुमपदम में कोट्टप्पुझा नदी में अचानक आई बाढ़ में बहने वाले सभी छह लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मंगलवार को 26 वर्षीय सजिता का शव मिलने के बाद तीन दिनों से चल रहा व्यापक तलाशी अभियान पूरा हुआ। सजिता टीके कॉलोनी निवासी संजय दास की पत्नी थीं। उनका शव मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे असेम्प्शन स्कूल के नीचे स्थित एक इलाके से बरामद किया गया।कोट्टप्पुझा नदी में रविवार शाम करीब पांच बजे अचानक पानी का बहाव तेज होने से छह लोग बह गए थे। घटना के बाद बचाव दलों ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया था। पहले दिन दो लोगों के शव मिले थे, जबकि सोमवार को तीन और शव बरामद किए गए। मंगलवार को सजिता का शव मिलने के साथ सभी छह लापता लोगों की तलाश पूरी हो गई।
मंगलवार दोपहर मिला सजिता का शव
26 वर्षीय सजिता की तलाश के लिए मंगलवार सुबह से ही अभियान तेज कर दिया गया था। नदी और आसपास के क्षेत्रों में बचाव दल लगातार खोजबीन कर रहे थे। गहन तलाशी के बाद दोपहर करीब 12 बजे असेम्प्शन स्कूल के नीचे एक इलाके में उनका शव मिला।सजिता वेलुथेदाथ, टीके कॉलोनी निवासी संजय दास की पत्नी थीं। उनका शव मिलने के बाद अधिकारियों ने पुष्टि की कि अचानक आई बाढ़ में बहने वाले सभी छह लोगों के शव अब बरामद हो चुके हैं।तलाशी अभियान के दौरान नदी के बहाव और आसपास के इलाकों की परिस्थितियों को देखते हुए अलग-अलग स्थानों पर खोजबीन की गई। तीन दिनों तक चले अभियान में बचाव दलों को नदी के किनारे और निचले इलाकों पर विशेष ध्यान देना पड़ा।
रविवार शाम अचानक बढ़ा नदी का पानी
यह हादसा रविवार शाम करीब पांच बजे टीके कॉलोनी के पास कोट्टप्पुझा नदी में हुआ। बताया गया कि नदी में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई और पानी का तेज बहाव छह लोगों को अपने साथ बहाकर ले गया।घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। इसके बाद अलग-अलग टीमों ने नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों में लापता लोगों की तलाश शुरू की।पहले दिन दो शव बरामद किए गए। बाकी चार लोगों की तलाश जारी रही। सोमवार को तीन और शव मिलने के बाद केवल सजिता लापता थीं। मंगलवार को उनका शव भी मिलने के बाद तलाशी अभियान में सभी छह लोगों का पता चल गया।
हादसे में छह लोगों की मौत
इस हादसे में जान गंवाने वाले छह लोगों की पहचान अलग-अलग इलाकों के निवासियों के रूप में हुई है। मृतकों में एडारिक्कोड के मंगदान हमीद के बेटे 31 वर्षीय अनस यासीन, पदन्नापरंबन तिरुर के 65 वर्षीय मुहम्मद कुट्टी, चेट्टियारामल कुरुप्पथ वंदूर के 39 वर्षीय रफीक, श्रम्बिक्कल करुवरकुंडु के 34 वर्षीय रहीम, कुप्पानाथ वंदूर के 23 वर्षीय सज्जाद और टीके कॉलोनी की 26 वर्षीय सजिता शामिल हैं।सभी छह लोग रविवार को नदी में अचानक आए तेज बहाव की चपेट में आ गए थे। घटना के बाद से ही उनके परिवार और स्थानीय लोग बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए थे।
तीन दिनों तक चला तलाशी अभियान
घटना के तुरंत बाद शुरू किया गया तलाशी अभियान तीन दिनों तक चला। नदी में पानी के बहाव और बड़े क्षेत्र में तलाश की जरूरत के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा।रविवार को घटना के बाद दो शव मिलने से हादसे की गंभीरता सामने आई। सोमवार को खोज अभियान के दौरान तीन और शव बरामद किए गए। इसके बावजूद सजिता का पता नहीं चल पाया था, जिसके कारण मंगलवार को भी तलाशी जारी रखी गई।मंगलवार को खोजी टीमों ने नदी के आसपास के क्षेत्रों में अभियान चलाया। दोपहर में सजिता का शव मिलने के बाद अधिकारियों को तलाशी अभियान में सफलता मिली।
अचानक आने वाली बाढ़ का खतरा
नदियों में अचानक आने वाली बाढ़ बेहद खतरनाक हो सकती है। पहाड़ी या ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश होने पर नदी का जलस्तर निचले क्षेत्रों में बहुत कम समय में बढ़ सकता है। कई बार जिस स्थान पर बारिश नहीं हो रही होती, वहां भी ऊपरी हिस्सों से बड़ी मात्रा में पानी आने के कारण अचानक तेज बहाव पैदा हो सकता है।ऐसी परिस्थितियों में नदी किनारे मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचने के लिए बहुत कम समय मिल पाता है। तेज बहाव के कारण बचाव अभियान भी कठिन हो जाता है।कोट्टप्पुझा नदी में हुई इस घटना ने एक बार फिर नदी किनारे अचानक बदलने वाली परिस्थितियों के खतरे को सामने रखा है।
नदी किनारे सतर्कता जरूरी
बारिश के मौसम में नदी, नाले और जलाशयों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। ऊपरी क्षेत्रों में बारिश होने की स्थिति में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में नदी के बीच या किनारे लंबे समय तक रुकना जोखिम भरा हो सकता है।स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी मौसम और जलस्तर संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देना भी जरूरी है। पानी का बहाव अचानक बढ़ने की स्थिति में तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थान की ओर जाना चाहिए।
सभी लापता लोगों की तलाश पूरी
रविवार शाम शुरू हुआ यह हादसा मंगलवार को सजिता का शव मिलने के बाद छह मौतों की पुष्टि के साथ समाप्त हुआ। पहले दिन दो, दूसरे दिन तीन और तीसरे दिन एक शव बरामद किया गया।सभी छह लोगों के शव मिलने के बाद अब लापता लोगों की तलाश पूरी हो गई है। इस हादसे ने मृतकों के परिवारों और स्थानीय इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। तीन दिनों तक चले तलाशी अभियान के दौरान बचाव दलों ने नदी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार खोजबीन की और आखिरकार मंगलवार को अंतिम लापता महिला का शव भी बरामद कर लिया गया।
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