केरल

वडकारा में सड़क का हिस्सा ढहा, मलबा घर के कुएं में गिरा

Kavita2
3 Aug 2026 4:28 PM IST
वडकारा में सड़क का हिस्सा ढहा, मलबा घर के कुएं में गिरा
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वडकारा। केरल के वडकारा क्षेत्र में थलयोलपरम्बा-एर्नाकुलम रोड पर सड़क का एक हिस्सा अचानक ढह जाने से हड़कंप मच गया। सड़क धंसने के कारण हुए भूस्खलन में बड़ी मात्रा में मलबा नीचे स्थित एक घर की ओर जा गिरा। हादसे में सड़क किनारे बना एक चार मीटर गहरा कुआं भी प्रभावित हुआ, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया।

यह घटना वेट्टिकाट्टू मुक्कू गुरुमंदिरम के पास रहने वाले वडकारा अम्मामकुन्नु देवराजन के घर के सामने हुई। सड़क का हिस्सा टूटने के बाद पत्थरों और मिट्टी का मलबा करीब तीन मीटर नीचे स्थित घर के परिसर तक पहुंच गया। गनीमत रही कि घटना के समय कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं मिली।

भारी बारिश के कारण कमजोर हुई संरचना

स्थानीय लोगों के अनुसार, लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सड़क किनारे की संरचना कमजोर हो गई थी। बारिश के पानी के तेज बहाव ने जमीन को अंदर से कमजोर कर दिया, जिसके चलते सड़क का एक हिस्सा अचानक टूट गया।

बताया जा रहा है कि सड़क किनारे बनी पत्थर की दीवार करीब 46 साल पुरानी थी। यह दीवार लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा कई दशक पहले बनाई गई थी। स्थानीय जानकारी के अनुसार, इस दीवार के निर्माण में सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया था। लंबे समय तक बारिश और पानी के दबाव के कारण धीरे-धीरे इसकी मजबूती कम होती चली गई।

कुएं के पास गिरा मलबा

सड़क का हिस्सा ढहने के बाद पत्थर की दीवार का एक बड़ा भाग उस स्थान पर गिरा, जहां घर का कुआं स्थित है। यह कुआं करीब चार मीटर गहरा है और सड़क के किनारे बने हिस्से के पास ही है।

मलबा गिरने से कुएं के आसपास का क्षेत्र प्रभावित हुआ। घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। लोगों को आशंका थी कि अगर सड़क का और हिस्सा गिरता है तो घर को भी नुकसान पहुंच सकता है।

स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता

हादसे के बाद क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के मौसम में सड़क किनारे बनी पुरानी संरचनाओं की जांच जरूरी है। उनका कहना है कि समय-समय पर मरम्मत नहीं होने से ऐसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

लोगों ने प्रशासन और PWD से मांग की है कि प्रभावित हिस्से की जल्द मरम्मत की जाए और सड़क किनारे सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

PWD की भूमिका पर उठे सवाल

सड़क का हिस्सा ढहने के बाद पुरानी पत्थर की दीवार के निर्माण और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि 46 साल पुरानी इस संरचना की समय-समय पर जांच की जानी चाहिए थी।

बारिश के दौरान सड़क किनारे की मिट्टी और पत्थरों पर पानी का दबाव बढ़ जाता है। यदि ऐसी जगहों पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत न हों तो भूस्खलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने निर्माणों की मजबूती की जांच और जरूरत के अनुसार मरम्मत करना जरूरी है।

प्रशासन ने शुरू किया निरीक्षण

घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण शुरू किया। प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का आकलन किया जा रहा है और यह पता लगाया जा रहा है कि सड़क के हिस्से को सुरक्षित बनाने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए जाने की जरूरत है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। सड़क के कमजोर हिस्से को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है, ताकि यातायात और आसपास रहने वाले लोगों को किसी तरह का खतरा न हो।

बारिश के मौसम में सतर्कता की जरूरत

केरल में मानसून के दौरान भारी बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन और सड़क धंसने जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में विशेष रूप से सड़क किनारे की संरचनाओं पर बारिश का अधिक प्रभाव पड़ता है।

वडकारा की यह घटना भी इस बात की ओर संकेत करती है कि पुराने निर्माणों की नियमित जांच और रखरखाव कितना जरूरी है। समय रहते कमजोर हिस्सों की पहचान कर मरम्मत करने से बड़े हादसों को टाला जा सकता है।

फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग घटना के बाद स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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