
एदयार। सड़क किनारे बड़े ट्रकों और अन्य भारी वाहनों की अवैध पार्किंग स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी बनती जा रही है। एदयार मक्कापुझा चौराहे से एदयार चौराहे तक कई स्थानों पर बड़े वाहन सड़क के किनारे खड़े किए जा रहे हैं। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो रही है और वाहन चालकों को आवागमन के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और बिनानीपुरम पुलिस से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी समाधान नहीं निकला है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध पार्किंग पर रोक नहीं लगाई गई तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सड़क पर जगह कम होने से बढ़ी परेशानी
एदयार मक्कापुझा चौराहे से एदयार चौराहे तक सड़क के किनारे बड़ी संख्या में ट्रक और अन्य भारी वाहन खड़े रहते हैं। कई बार ये वाहन सड़क के काफी करीब तक खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे सामान्य यातायात के लिए उपलब्ध जगह कम हो जाती है।
विशेषकर दो बड़े वाहनों के एक-दूसरे के पास से गुजरने के दौरान छोटे वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। कई बार बाइक और कार चालकों को सड़क के बीच से निकलना पड़ता है, जिससे सामने से आने वाले वाहनों के साथ टक्कर का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के समय भी स्थिति परेशानी वाली रहती है, जबकि रात में सड़क किनारे खड़े ट्रकों के कारण खतरा और बढ़ जाता है।
दुर्घटनाओं का कारण बन रहे भारी वाहन
स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क किनारे खड़े बड़े ट्रकों के कारण पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उनका कहना है कि सड़क पर अचानक सामने आने वाले ट्रक या खड़े वाहन दिखाई नहीं देने के कारण वाहन चालक नियंत्रण खो सकते हैं।
रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है। सड़क किनारे खड़े ट्रकों की वजह से वाहन चालकों को सामने से आने वाले यातायात का अंदाजा लगाने में भी कठिनाई होती है।
लोगों ने मांग की है कि सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग को पूरी तरह नियंत्रित किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने समस्या को लेकर संबंधित विभागों का ध्यान कई बार आकर्षित किया है। PWD अधिकारियों और बिनानीपुरम पुलिस के सामने भी अवैध पार्किंग की शिकायत रखी गई है।
इसके बावजूद सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग जारी रहने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल शिकायत दर्ज करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। मौके पर नियमित निरीक्षण और कार्रवाई की जरूरत है।
रात में सुरक्षा को लेकर चिंता
स्थानीय लोगों ने रात के समय ट्रकों की आड़ में संदिग्ध गतिविधियों की आशंका भी जताई है। उनका आरोप है कि कई बार रात में इन खड़े वाहनों के आसपास आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के जमा होने की शिकायतें सामने आती हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लोगों का कहना है कि सड़क किनारे लंबे समय तक भारी वाहनों के खड़े रहने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ती है। उनका मानना है कि पुलिस को रात के समय भी इलाके में गश्त बढ़ानी चाहिए और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए।
यातायात व्यवस्था पर असर
सड़क किनारे ट्रकों की पार्किंग का असर केवल दुर्घटना के खतरे तक सीमित नहीं है। इससे यातायात की गति भी प्रभावित होती है। व्यस्त समय में वाहनों की संख्या बढ़ने पर सड़क पर जाम जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, भारी वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण चालक सड़क के किनारे वाहन खड़े कर देते हैं। यदि प्रशासन वैकल्पिक पार्किंग स्थल उपलब्ध कराए और सड़क किनारे पार्किंग पर सख्ती करे तो समस्या काफी हद तक कम की जा सकती है।
कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि PWD और पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चलाकर सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को हटाएं। साथ ही, नियमित रूप से निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि हटाए गए वाहन दोबारा उसी स्थान पर न खड़े किए जा सकें।
लोगों ने यह भी सुझाव दिया है कि सड़क के संवेदनशील हिस्सों में नो-पार्किंग संकेतक लगाए जाएं। रात के समय पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और पुलिस गश्त की व्यवस्था भी जरूरी है।
बड़े हादसे से पहले समाधान जरूरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि मौजूदा स्थिति को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। सड़क पर लगातार बढ़ रही भारी वाहनों की पार्किंग और इससे पैदा हो रही यातायात संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है।
लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मौके का निरीक्षण करें और नियमों के अनुसार कार्रवाई करें। यदि सड़क किनारे अवैध पार्किंग पर समय रहते रोक लगा दी जाती है तो दुर्घटनाओं और यातायात संबंधी परेशानियों को कम किया जा सकता है।
फिलहाल एदयार मक्कापुझा चौराहे से एदयार चौराहे तक सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि पुलिस और PWD इस समस्या के समाधान के लिए कब प्रभावी कदम उठाते हैं।





