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तिरुवनंतपुरम। केरल में कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े कथित पेमेंट मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी विवाद तेज हो गया है। CPI(M) विधायक पीए मुहम्मद रियास ने मंगलवार को मामले में अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है और उन्हें किसी बात का डर नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब केरल सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की जांच की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया है।रियास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें मामले के बारे में उतनी ही जानकारी है, जितनी उन्होंने टेलीविजन पर देखी है। उन्होंने कहा कि सरकार ED की रिपोर्ट के आधार पर CMRL पेमेंट मामले की जांच करने का फैसला कर रही है और उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। उनका कहना था कि वह पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकते हैं।
सरकार ने जांच की दिशा में बढ़ाया कदम
CMRL मामले में ED की रिपोर्ट सामने आने के बाद केरल सरकार ने कानूनी राय लेने के बाद आगे की कार्रवाई पर विचार किया। राज्य के एडवोकेट जनरल की राय के बाद पुलिस को मामले में जांच करने का रास्ता खुला है। रिपोर्टों के मुताबिक ED ने राज्य पुलिस प्रमुख को पत्र भेजकर पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन, उनकी बेटी टी वीना और उनके पति पीए मुहम्मद रियास समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ED की ओर से लगाए गए हवाला संबंधी आरोपों की जांच कराएगी। इसके लिए राज्य पुलिस प्रमुख को जांच की जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। सरकार की ओर से औपचारिक आदेश की प्रक्रिया भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।हालांकि जांच शुरू होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप अदालत में साबित हो चुके हैं। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच और उनके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अलग चरण हैं।
ED ने क्या आरोप लगाए हैं?
ED की ओर से राज्य पुलिस को भेजी गई रिपोर्ट में CMRL और टी वीना की कंपनी Exalogic Solutions के बीच हुए कथित भुगतान को लेकर सवाल उठाए गए हैं। एजेंसी का आरोप है कि CMRL की ओर से Exalogic को किए गए कुछ भुगतान वास्तविक आईटी कंसल्टेंसी सेवाओं के बदले नहीं थे और इनका संबंध कथित तौर पर रिश्वत से था।रिपोर्टों के अनुसार ED ने करीब **2.78 करोड़ रुपये** के कथित भुगतान को जांच के दायरे में रखा है। वहीं दूसरी रिपोर्टों में एजेंसी के निष्कर्षों में टी वीना को किए गए कुल भुगतान की राशि करीब 3.28 करोड़ रुपये बताई गई है। इन भुगतानों की प्रकृति और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन को लेकर एजेंसी ने जांच की है।ED ने रियास को कथित हवाला लेनदेन से भी जोड़ा है। एजेंसी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रियास से जुड़े एक व्यक्ति के माध्यम से कथित धनराशि दुबई भेजी गई। इन आरोपों को रियास पहले ही खारिज कर चुके हैं।
रियास ने आरोपों से किया इनकार
रियास ने कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। उन्होंने जांच या सरकार के कदम से डरने से भी इनकार किया। उनका कहना है कि उन्हें मामले में सरकार की कार्रवाई की जानकारी मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से मिली है।इससे पहले भी रियास ने ED के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने एजेंसी की कार्रवाई और आरोपों को लेकर सवाल उठाए थे और कहा था कि उनके खिलाफ कोई गलत काम साबित नहीं हुआ है।रियास का रुख यह है कि जांच एजेंसियों के आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता और पूरे मामले को तथ्यों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर देखा जाना चाहिए।
पिनाराई विजयन ने भी किया है बचाव
इस मामले में पिनाराई विजयन और उनके परिवार की ओर से भी आरोपों को खारिज किया गया है। विजयन ने अपनी बेटी टी वीना की कंपनी को CMRL से मिले भुगतान का बचाव करते हुए कहा था कि ये रकम पेशेवर सेवाओं के बदले वैध भुगतान थी। उनके अनुसार लेनदेन बैंकिंग चैनल के जरिए हुआ और संबंधित करों का भुगतान भी किया गया।दूसरी ओर ED का दावा है कि भुगतान वास्तविक सेवाओं के अनुरूप नहीं थे। एजेंसी ने इन्हें कथित तौर पर गलत तरीके से दिखाए गए भुगतान से जोड़ा है। यही अंतर इस मामले की जांच का प्रमुख हिस्सा बना हुआ है।
कानूनी राय के बाद बढ़ी हलचल
CMRL-Exalogic मामले में केरल सरकार ने ED की रिपोर्ट पर सीधे FIR दर्ज करने से पहले कानूनी राय मांगी थी। एडवोकेट जनरल की राय में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया कि यदि किसी रिपोर्ट में संज्ञेय अपराध का खुलासा होता है तो पुलिस FIR दर्ज कर सकती है। वहीं यदि तत्काल संज्ञेय अपराध स्पष्ट नहीं होता, लेकिन जांच की जरूरत महसूस होती है, तो प्रारंभिक जांच का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।इसी वजह से सरकार के सामने अब जांच की प्रक्रिया को लेकर कई विकल्प हैं। रिपोर्टों के मुताबिक स्वतंत्र प्रारंभिक जांच या विशेष जांच दल यानी SIT पर भी विचार किया जा रहा है।
CMRL मामले में आगे क्या होगा?
अब इस मामले में पुलिस जांच के जरिए ED द्वारा जुटाई गई सामग्री, वित्तीय लेनदेन, संबंधित लोगों के बयान और दूसरे दस्तावेजों की जांच की जा सकती है। इसके बाद यह तय होगा कि आरोपों के आधार पर FIR या अन्य कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है या नहीं।मामले में कुछ CMRL अधिकारियों द्वारा ED के सामने दिए गए पुराने बयानों को लेकर बाद में आपत्ति या वापसी के दावे भी सामने आए हैं। इससे जांच में उपलब्ध साक्ष्यों की विश्वसनीयता और उनकी कानूनी स्थिति भी महत्वपूर्ण हो गई है। ED ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि उसका मामला केवल बयानों पर निर्भर नहीं है।फिलहाल रियास ने साफ कर दिया है कि वह अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को स्वीकार नहीं करते। दूसरी ओर सरकार ED की रिपोर्ट के आधार पर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच से सामने आने वाले दस्तावेज और आधिकारिक निष्कर्ष इस मामले की अगली दिशा तय करेंगे।
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